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तेजपुर में 155 बेस अस्पताल का तीसरा चरण समय से पहले पूरा हुआ, उत्तर पूर्व का सबसे बड़ा मिलिट्री अस्पताल आधुनिक सुविधाओं और ग्रीन बिल्डिंग फीचर्स के साथ समर्पित.
पूर्वी थिएटर में भारतीय सेना की इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की मुहिम को और मजबूत करते हुए, तेजपुर मिलिट्री स्टेशन में 155 बेस अस्पताल का तीसरा चरण पूरा कर लिया गया है. यह अस्पताल 28 मार्च 2026 को लेफ्टिनेंट जनरल गंभीर सिंह, यूवाईएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम, गजराज कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग ने सभी रैंकों और उनके परिवारों को समर्पित कर दिया. यह अस्पताल तेजपुर के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश और असम के आस-पास के मिलिट्री स्टेशनों के लिए भी होगा.
रक्षा मंत्रालय ने मार्च 2021 में इस परियोजना को मंजूरी दी थी. इसकी कुल लागत 112.82 करोड़ रुपये थी. मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज (एमईएस) ने इसे बनाया। मुख्य इंजीनियर सिलीगुड़ी जोन और सीडब्ल्यूई तेजपुर की देखरेख में काम हुआ. निर्माण नवंबर 2021 में शुरू हुआ और तय समय से पहले पूरा हो गया.
सेना की मेडिकल सेवाओं (एएमएस) ने इस अस्पताल की योजना, डिजाइन और जरूरतों को तय करने में पूरी मदद की। उनकी विशेषज्ञता से अस्पताल को आधुनिक इलाज और मरीजों के हिसाब से बेहतर बनाया गया. कोविड-19 महामारी, उत्तर-पूर्वी क्षेत्र की मुश्किल मौसम और लॉजिस्टिक चुनौतियों के बावजूद परियोजना समय पर और बिना किसी अतिरिक्त खर्च के पूरी हुई। इससे अच्छी योजना और मजबूत प्रबंधन का पता चलता है.
यह अस्पताल उत्तर-पूर्वी क्षेत्र का सबसे बड़ा मिलिट्री अस्पताल है. इसमें आधुनिक मेडिकल सुविधाएं हैं और पर्यावरण को बचाने वाले ग्रीन बिल्डिंग फीचर्स भी लगाए गए हैं. इससे पूर्वी थिएटर में तैनात सैनिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी. अस्पताल की अच्छी क्वालिटी, रणनीतिक महत्व और पर्यावरण-अनुकूल डिजाइन को देखते हुए इसे 2026 के प्रतिष्ठित सीआईडीसी विश्वकर्मा अवार्ड के लिए नामांकित किया गया है. यह भारतीय सेना की बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्धियों में शामिल है.
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Mohit Chauhan is an Editorial Researcher with over eight years of experience in digital and television journalism, specializing in Defence, Weapons, International Relations, and Strategic Military Affairs. He c…और पढ़ें





