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कुत्ता काटने के बाद एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं लेने पर कई तरह की भ्रांतियां फैलती हैं. लेकिन सच्चाई क्या है ? डॉक्टरों के मुताबिक, रेबीज़ बेहद घातक बीमारी है जिसमें पानी से डर, बेचैनी, बेहोशी और व्यवहार में बदलाव जैसे लक्षण दिखते हैं. इंसान कुत्ता जैसा आवाज़ भी निकालने लगता है.
Rabies कुत्ते के काटने के बाद अक्सर लोगों के बीच कई तरह की अफवाहें सुनने को मिलती हैं—जैसे इंसान कुत्ते की तरह भौंकने लगता है या उसकी हरकतें भी वैसी हो जाती हैं. ऐसे वायरल सवालों की सच्चाई को समझना जरूरी है. इसी विषय पर बेगूसराय में चिकित्सकों से बातचीत कर तथ्य सामने आए हैं.
रेबीज़: मजाक नहीं, गंभीर और जानलेवा बीमारी
बेगूसराय सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार के अनुसार, रेबीज़ दुनिया की सबसे खतरनाक बीमारियों में से एक है. एक बार इसके लक्षण प्रकट हो जाएं, तो मरीज को बचाना लगभग असंभव हो जाता है. दुनियाभर में बहुत ही कम ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां लक्षण आने के बाद मरीज की जान बच पाई हो. इसलिए कुत्ते के काटने को हल्के में लेना बेहद खतरनाक हो सकता है.
क्या सच में इंसान करने लगता है कुत्ते जैसी हरकत?
डॉ. कृष्ण कुमार बताते हैं कि रेबीज़ का प्रभाव सीधे दिमाग पर पड़ता है, जिससे मरीज के व्यवहार में अचानक बदलाव आ सकता है. वह बेचैन, चिड़चिड़ा और कई बार अनियंत्रित हो जाता है. कुछ मामलों में मरीज अजीब आवाजें भी निकाल सकता है, जिन्हें लोग कुत्ते की आवाज समझ लेते हैं. हालांकि, यह हर मामले में होने वाला या निश्चित लक्षण नहीं है.
ये लक्षण देते हैं खतरे का संकेत
रेबीज़ के मरीजों में पानी से डर लगना (हाइड्रोफोबिया) एक प्रमुख लक्षण है. इसके अलावा गले में ऐंठन, अधिक लार आना, घबराहट, बेहोशी और अनियंत्रित गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं. बीमारी बढ़ने पर मरीज की हालत तेजी से गंभीर हो जाती है.reb
समय पर इलाज ही बचाव का उपाय
डॉ. कृष्ण कुमार के अनुसार, कुत्ता काटने के तुरंत बाद एंटी-रेबीज़ वैक्सीन लगवाना सबसे सुरक्षित और प्रभावी उपाय है. समय पर इलाज मिलने से इस बीमारी को पूरी तरह रोका जा सकता है, लेकिन लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है. कुल मिलाकर, कुत्ते जैसी आवाज निकालने जैसी बातें आंशिक रूप से भ्रम पर आधारित हैं. असली खतरा रेबीज़ है, जो बिना इलाज के लगभग निश्चित रूप से जानलेवा हो सकता है. इसलिए कुत्ता काटने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना ही सबसे समझदारी भरा कदम है.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें





