बिहार में 15 मिनट में दूर होगी खून की कमी, जादुई सुई से एनीमिया पर बड़ा वार, जानें पूरी कहानी

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अब बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के नेतृत्व में अब FCM थेरेपी कार्यक्रम की शुरुआत की गई है, जो खासकर महिलाओं में खून की कमी यानी एनीमिया से निपटने में गेमचेंजर साबित हो सकता है.

प्रदेश की सरकार स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को अपग्रेड करने के लिए लगातार प्रयासरत है. इसका असर भी दिख रहा है . सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्थाएं हाईटेक होती जा रही है. अब बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के नेतृत्व में अब FCM थेरेपी कार्यक्रम की शुरुआत की गई है, जो खासकर महिलाओं में खून की कमी यानी एनीमिया से निपटने में गेमचेंजर साबित हो सकता है.

मार्च के आखिरी सप्ताह से शुरू हुई इस पहल का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को तेज, सुरक्षित और प्रभावी इलाज उपलब्ध कराना है. आइए इस थेरेपी के फायदे सदर अस्पताल बेगूसराय के चिकित्सा पदाधिकारी स्त्री सह प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ . प्राची से लोकल 18 पर समझते हैं.

मील का पत्थर होगा साबित
सदर अस्पताल बेगूसराय में कार्यरत स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ प्राची क ने लोकल 18 पर इस शुरुआत की कहानी पर चर्चा करते हुए बताया यह योजना स्वास्थ्य क्षेत्र में “मील का पत्थर” साबित होगी. आमतौर पर महिलाओं में खून की कमी एक बड़ी समस्या है, जिससे थकान, कमजोरी और गर्भावस्था के दौरान कई गंभीर जोखिम बढ़ जाते हैं. कई बार ब्लड उपलब्ध नहीं होने की वजह से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ती है.डॉ प्राची के अनुसार, FCM यानी Ferric Carboxy Maltose इंजेक्शन इस समस्या का बेहद आसान समाधान बनकर सामने आया है.

15 से 20 मिनट में खून की कमी हो सकती है दूर 
डॉक्टर प्राची ने लोकल 18 पर बताया यह ‘जादुई सुई’ सिर्फ 15 से 20 मिनट में शरीर में आयरन की कमी को तेजी से पूरा करने में मदद करती है. सबसे बड़ी बात यह है कि जहां पहले आयरन के इंजेक्शन में बार-बार अस्पताल आना पड़ता था और साइड इफेक्ट की भी आशंका रहती थी, वहीं अब एक ही इंजेक्शन से मरीज को राहत मिल सकती है.यह थेरेपी खासकर गंभीर एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद है. इससे न सिर्फ मां की सेहत बेहतर होती है, बल्कि होने वाले बच्चे पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और गर्भावस्था से जुड़े कई जोखिम कम हो जाते हैं.

मुफ्त में मिलेगा यह सुई 
लखीसराय IPRD से जारी सूचना के अनुसार राज्य सरकार की ओर से इस इंजेक्शन को सभी सदर अस्पतालों में मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि डॉ प्राची के मुताबिक बाजार में इसकी कीमत करीब 5000 रुपये तक है. यानी अब गरीब और जरूरतमंद मरीजों को भी महंगा इलाज बिना खर्च के मिल सकेगा.

पिरामल फाउंडेशन चलाएगा जागरूकता अभियान 
लोकल 18 पर पिरामल फाउंडेशन के दीपक मिश्रा ने बताया इस अभियान को सफल बनाने के लिए पीरामल फाउंडेशन अग्रणी भूमिका निभाएगी.ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें. कुल मिलाकर यह पहल बिहार में मातृ स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और एनीमिया जैसी गंभीर समस्या पर नियंत्रण पाने की दिशा में एक बड़ी और सकारात्मक कदम के रूप में देखी जा रही है.
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