कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रविवार को आरोप लगाया कि भाजपा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की कांग्रेस के पूर्व सांसद अधीर चौधरी और आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर के साथ एक गुपचुप सहमति है. मुर्शिदाबाद जिले के नाओदा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, बनर्जी ने जोर देकर कहा कि अधीर चौधरी या हुमायूं कबीर को वोट देना, असल में भाजपा को मजबूत करने जैसा होगा.
दोनों नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए बनर्जी ने कहा, “यह अमित शाह का दफ्तर ही है जो हुमायूं कबीर और अधीर चौधरी को सुरक्षा देता है. मैं उन दोनों को चुनौती देता हूं, अगर आपमें जरा भी जमीर बचा है, तो आपको मिली केंद्रीय सुरक्षा वापस कर दें; उसकी जगह राज्य सरकार आपकी सुरक्षा करेगी. आप दोनों के बीच किस तरह की ‘सेटिंग’ या गुपचुप समझौता है? आम लोगों को यह समझना होगा. असल में, आप सिर्फ भाजपा को ताकत दे रहे हैं. यह बात हर कोई जानता है.”
अपने भाषण की शुरुआत में ही, बनर्जी ने इन दोनों नेताओं को आड़े हाथों लिया और उन्हें भाजपा का ‘एजेंट’ बताया. तृणमूल कांग्रेस के पूर्व नेता हुमायूं कबीर 2019 में भाजपा में शामिल हो गए थे. बाद में वे तृणमूल कांग्रेस में लौट आए और भरतपुर से पार्टी के विधायक बने. इसी बात का जिक्र करते हुए, बनर्जी ने भरतपुर के पूर्व विधायक पर भी हमला बोला और आरोप लगाया कि हुमायूं कबीर अब भाजपा के इशारे पर धर्म-आधारित राजनीति कर रहे हैं.
बनर्जी ने कहा, “भाजपा धर्म और मंदिरों को राजनीति का मुद्दा बनाकर वोट मांग रही है. हुमायूं कबीर धर्म के नाम पर फूट डाल रहे हैं. अचानक उन्हें ख्याल आया कि मुर्शिदाबाद में एक बाबरी मस्जिद बनाई जानी चाहिए. जबकि, जब वे 2019 में भाजपा में शामिल हुए थे और लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार के तौर पर खड़े हुए थे, तब उन्हें कभी यह ख्याल नहीं आया कि बाबरी मस्जिद बनाई जानी चाहिए. हुमायूं ने उन्हीं लोगों से हाथ मिलाया था जो बाबरी मस्जिद को गिराने के लिए जिम्मेदार थे. इन लोगों को एक भी वोट देना, प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा को वोट देने जैसा ही है.”
इस बीच, मुर्शिदाबाद जिले में पार्टी के अंदरूनी झगड़ों की बात स्वीकार करते हुए, उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को एक सख्त संदेश दिया. उन्होंने कहा कि वे हर किसी पर पैनी नजर रखे हुए हैं और चेतावनी दी कि अगर जरूरत पड़ी तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने कहा, “अगर आपने पार्टी की जर्सी पहनी है, तो इसी टीम के लिए खेलें. किसी दूसरी टीम के लिए खेलने की कोशिश न करें. अगर आपने किसी दूसरी टीम के लिए खेलने की कोशिश की, तो आपको एक महीने के अंदर मैदान से बाहर निकाल दिया जाएगा और आपको फिर कभी वापस आने की इजाजत नहीं मिलेगी. मेरी नजर सब पर है. मैं एक चेतावनी दे रहा हूं, अगर किसी को लगता है कि वह पार्टी में रहते हुए भी गड़बड़ी कर सकता है, तो उसे माफ नहीं किया जाएगा.”
बनर्जी ने आगे कहा, “अगर किसी को यह गलतफहमी है कि मेरे और उम्मीदवार के बीच कोई अनबन है, तो उन्हें बस यह मान लेना चाहिए कि वह उम्मीदवार खुद अभिषेक बनर्जी ही हैं. निजी पसंद या नापसंद को कोई अहमियत नहीं दी जाएगी.”





