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Tamil Nadu Chunav: कोयंबटूर एयरपोर्ट पर पीएम मोदी के स्वागत के लिए बीजेपी और एआईएडीएमके के कई बड़े नेता मौजूद थे, लेकिन पूर्व प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष के. अन्नामलाई की गैरमौजूदगी ने सबका ध्यान खींचा है. अन्नामलाई का नाम स्वागत करने वाले नेताओं की लिस्ट में शामिल था, लेकिन वे एयरपोर्ट नहीं पहुंचे. इस पर सवाल उठने लगे हैं.
अन्नामलाई की गैरमौजूदगी ने सबका ध्यान खींचा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विमान रविवार दोपहर जब कोयंबटूर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड किया तो वहां एक दिलचस्प सियासी तस्वीर देखने को मिली. पीएम मोदी के स्वागत के लिए वहां बीजेपी और एआईएडीएमके के कई बड़े नेता मौजूद थे, लेकिन पूर्व प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष के. अन्नामलाई की गैरमौजूदगी ने सबका ध्यान खींच लिया. जानकारी के मुताबिक, अन्नामलाई का नाम स्वागत करने वाले नेताओं की लिस्ट में शामिल था, लेकिन वे एयरपोर्ट नहीं पहुंचे. इस पर सवाल उठने लगे हैं.
क्यों आई पहुंचे अन्नामलाई?
इस दौरान बीजेपी नेता वनाथी श्रीनिवासन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अन्नामलाई का नाम लिस्ट में था, लेकिन वे क्यों नहीं आए, इसकी जानकारी उनसे ली जाएगी. उन्होंने यह भी साफ किया कि पार्टी में किसी तरह का गुटबाजी नहीं है और सभी नेता एकजुट हैं. उन्होंने कहा, ‘हम सभी अन्नामलाई के साथ हैं, वह हमारे प्रिय भाई हैं. उम्मीदवारों के चयन का फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा.’
पीएम मोदी करीब 1:30 बजे विशेष विमान से कोयंबटूर पहुंचे थे. यहां से वे हेलीकॉप्टर के जरिये चुनावी प्रचार के लिए केरल रवाना हो गए. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, एयरपोर्ट पर बीजेपी के नैनार नागेंद्रन, एल मुरुगन, वनाथी श्रीनिवासन के साथ एआईएडीएमके नेता एस पी वेलुमणि और इंडिया जननायगा काची के टी आर पारिवेंद्र मौजूद रहे.
इस मौके पर वेलुमणि ने दावा किया कि एआईएडीएमके और उसके सहयोगी दल तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 210 सीटें जीतेंगे. उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिजली दरों में बढ़ोतरी से जनता परेशान है. साथ ही उन्होंने कोयंबटूर, तिरुपुर और नीलगिरी की 21 सीटों पर जीत का भी दावा किया और कहा कि असली मुकाबला एआईएडीएमके और डीएमके के बीच होगा.
पलानी में बीजेपी कार्यकर्ताओं का हंगामा
वहीं, दूसरी ओर मदुरै के पास पलानी में बीजेपी कार्यकर्ताओं का गुस्सा भी सामने आया. यहां केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन को घेरकर कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की. उनकी मांग थी कि पलानी विधानसभा सीट, जो एआईएडीएमके को दी गई है, उसे बीजेपी को वापस किया जाए.
करीब 30 मिनट तक चली बातचीत के बाद मुरुगन ने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि उनकी मांग पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाई जाएगी. इसके बाद कार्यकर्ता शांत हुए. कुल मिलाकर, तमिलनाडु में चुनावी सरगर्मी के बीच गठबंधन की राजनीति और अंदरूनी खींचतान दोनों ही खुलकर सामने आने लगी हैं.
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An accomplished digital Journalist with more than 13 years of experience in Journalism. Done Post Graduate in Journalism from Indian Institute of Mass Comunication, Delhi. After Working with PTI, NDTV and Aaj T…और पढ़ें





