सेल्फ स्टडी और रचा इतिहास, संसाधनों के अभाव को नहीं आने दिया पढ़ाई के आड़े, पवन ने दिखाया मेहनत का दम

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बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा घोषित परिणामों में सीतामढ़ी जिले के रुन्नीसैदपुर प्रखंड के माणिकचौक पश्चिमी उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र पवन कुमार ने अपनी अभूतपूर्व सफलता से सबको चौंका दिया है. पवन ने कुल 500 अंकों में से 483 अंक हासिल कर राज्य भर में 8वीं रैंक प्राप्त की है. इस गौरवशाली उपलब्धि ने उन्हें जिले का टॉपर भी बना दिया है.

सीतामढ़ी. ​सीतामढ़ी जिले के रुन्नीसैदपुर प्रखंड के पवन ने कुल 500 अंकों में से 483 अंक हासिल कर राज्य भर में 8वीं रैंक प्राप्त की और जिले में टॉप किया है. पवन कुमार का पारिवारिक पृष्ठभूमि बेहद साधारण है, जो उनकी इस सफलता को और भी खास बनाती है. उनके पिता शिवेश पंडित अपनी आजीविका चलाने के लिए गुजरात की एक निजी फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं, जबकि उनकी माता सुनीता देवी एक कुशल गृहिणी हैं. तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े होने के नाते पवन ने अपनी जिम्मेदारियों को समझा और कठिन परिश्रम किया.

​संसाधनों के अभाव को कभी भी पवन ने अपनी पढ़ाई के आड़े नहीं आने दिया. उन्होंने किसी महंगे कोचिंग संस्थान का सहारा लेने के बजाय पूरी तरह स्वाध्याय यानी ‘सेल्फ स्टडी’ पर भरोसा जताया. उनकी यह कामयाबी इस बात का जीता-जागता प्रमाण है कि यदि संकल्प दृढ़ हो, तो बिना बाहरी मदद के भी सफलता के शिखर पर पहुंचा जा सकता है.

​पवन ने अपनी पढ़ाई की रणनीति साझा करते हुए बताया कि वे प्रतिदिन 8 से 10 घंटे तक नियमित रूप से अध्ययन करते थे. उन्होंने कभी भी अपनी एकाग्रता को भंग होने नहीं दिया और हमेशा अपने मुख्य लक्ष्य पर केंद्रित रहे. पवन अपनी इस शानदार जीत का पूरा श्रेय अपने माता-पिता के त्याग और निरंतर प्रोत्साहन को देते हैं.

हजारों छात्रों के लिए बने प्रेरणा
​पवन कुमार की इस बड़ी कामयाबी से न केवल उनके परिवार में बल्कि पूरे माणिकचौक क्षेत्र और विद्यालय परिसर में जश्न का माहौल है. विद्यालय के शिक्षकों और स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है. पवन अब अपने क्षेत्र के उन हजारों विद्यार्थियों के लिए एक नई प्रेरणा और मार्गदर्शक बन चुके हैं.

​भविष्य के सपनों के बारे में बात करते हुए पवन ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य यहीं रुकना नहीं है. वे अब संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की कठिन परीक्षा को पास कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी बनना चाहते हैं. वे देश की सेवा करना चाहते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का अटूट इरादा रखते हैं.

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Mohd Majid

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