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लखीमपुर खीरी के महेशपुर गांव की बबीता कुशवाहा ने समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है. उन्होंने एफपीओ बनाकर गांव में ऑयल एक्सपेलर स्थापित किया और शुद्ध कच्ची घानी सरसों का तेल तैयार कर बाजार में बेचना शुरू किया. करीब 750 किसानों, जिनमें 100 महिलाएं शामिल हैं, के सहयोग से उनका तेल अब दिल्ली तक पहुंच रहा है, जिससे गांव की महिलाओं को भी घर बैठे रोजगार और अच्छी आमदनी मिल रही है.
लखीमपुर खीरी. जिले में महिलाएं अब आत्मनिर्भर हो रही है, जहां एक ओर प्रदेश से लेकर केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए लगातार विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं. जिसके कारण महिलाएं भी मेहनत और दूरदर्शिता से यह साबित कर रही हैं कि वह किसी से कम नहीं है. खीरी जिले के महेशपुर की रहने वाली बबीता कुशवाहा जो कि समूह से जुड़कर एक नई पहचान बनाने के साथ-साथ वह अब सरसों का तेल मार्केट में बिक्री कर रही है जिससे उन्हें अच्छा खासा मुनाफा होता है. लोकल 18 से बातचीत करते हुए बबीता कुशवाहा ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने इवानयन नगरी ऑर्गेनिक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (एफपीओ)का गठन किया. जिसमें करीब 750 किसान जुड़े हुए हैं, जिसमें 100 महिलाएं भी जुड़ी हुई हैं. वही खीरी जिले में सरसों की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है, ऐसे में हमने विचार किया क्यों न शुद्ध सरसों का तेल मार्केट में बिक्री किया जाए. जिससे हमें अच्छा खासा मुनाफा हो.
एफपीओ के माध्यम से गांव में स्थापित किया ऑयल एक्सपेलर
बबीता ने बताया कि बैंक से ऋण लेकर एफपीओ के माध्यम से हमने अपने गांव में ऑयल एक्सपेलर स्थापित किया. उसके बाद अब ऑयल एक्सपेलर से कच्ची घानी सरसों के तेल तैयार कर पैकेजिंग के साथ बाजार में बिक्री कर रहे है. 1 लीटर शुद्ध सरसों का तेल 180 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से मार्केट में सेल होता है. खास बात यह है की, शुद्ध कच्ची घानी सरसों के तेल में काफी मिलावट होती थी, लेकिन ये तेल हम अपने हाथों से तैयार करते हैं इस सरसों के तेल में कोई मिलावट नहीं है जिस कारण यह सरसों का तेल आज दिल्ली तक बिक रहा है. फोन पर ऑर्डर मिलने के बाद सेल की जाती है जिस कारण अच्छा खासा मुनाफा होता है. हम कई वर्षों से समूह में जुड़े थे उसके बाद अब हमने अपना ऑयल एक्सपेलर का काम शुरू किया है. बबीता ने जानकारी देते हुए बताया कि मेरा उद्देश्य है गांव की महिलाओं को सशक्त बनाना, जिस कारण हम लगातार गांव की महिलाओं को समूह में जोड़ने के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं ताकी उन्हें घर बैठे ही इनकम हो सके.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें





