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डांग जिले के रूरल एरिया में यह स्कीम बहुत हिट है. गरीब परिवारों के लिए यह एक नई किरण बनकर आई है. लोग अब कच्ची झोपड़ी छोड़कर पक्के मकान में जा रहे हैं. इससे उनका लाइफस्टाइल पूरी तरह बदल गया है. सरकार की यह पहल काफी सफल साबित हो रही है.
सोनू भाई अब कच्ची झोपड़ी छोड़कर पक्के घर में शिफ्ट हो गए हैं.
डांग. गुजरात के डांग जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है. इस योजना के तहत लोगों के पक्के घर का सपना तेजी से साकार हो रहा है, जिससे उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है. सरकार की इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को न केवल छत मिल रही है, बल्कि उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी मिल रहा है.
डांग जिले के झरन गांव निवासी सोनू भाई कोलेशे भाई डोकिया इसका एक जीवंत उदाहरण हैं. खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले सोनू भाई ने पंचायत में आवेदन कर योजना का लाभ उठाया. आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1 लाख 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई. इसके साथ ही मनरेगा के तहत उन्हें 21,710 रुपए का अतिरिक्त सहयोग भी मिला, जिससे उनके लिए घर निर्माण का कार्य आसान हो गया.
इस वित्तीय सहायता के बल पर सोनू भाई ने समय पर अपना पक्का घर तैयार कर लिया. अब उनका परिवार सुरक्षित माहौल में बेहतर जीवन जी रहा है. उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि यदि उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलता, तो पक्का घर बनाना उनके लिए संभव नहीं था. उन्होंने कहा कि यह योजना गरीबों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है और इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया.
सोनू भाई ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने न सिर्फ उन्हें घर दिया है, बल्कि उनके जीवन में स्थिरता और सम्मान भी जोड़ा है. उनका कहना है कि यह योजना वास्तव में जरूरतमंदों के लिए बहुत उपयोगी साबित हो रही है और इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें





