Last Updated:
फसल में जब खरपतवार उगते हैं तोऐसे में पौधों का विकास प्रभावित होती है. इसके साथ ही 30 प्रतिशत तक उत्पादन पर भी असर पड़ता है. ऐसे में जरूरी है कि किसान बुवाई के वक्त ही खरपतवारनाशी पायरोक्सासल्फोन 85% डब्ल्यू.जी. का इस्तेमाल करें. जिससे खरपतवार को उगने से रोका जा सके और अगर खरपतवार उग भी आते भी हैं तो वह सिंचाई के वक्त खुद ही मर जाएंगे.इस
सुल्तानपुर: इस समय जायद की फसलों में मूंग और उड़द की बुवाई की जा रही है. ऐसे में मूंग और उड़द की फसल के खेतों में किसी भी तरह का खरपतवार न उगे, इसके लिए हमें कौन-सी रसायन दवा का छिड़काव करना है या कौन-सा तरीका अपनाना है, इसके बारे में आज कृषि वैज्ञानिक से जानेंगे. दरअसल, खरपतवार हमारी उड़द और मूंग की फसल को बुरी तरह प्रभावित करते हैं, जिससे फसल की पैदावार घट जाती है और किसानों को आर्थिक नुकसान होता है, तो आइए जानते हैं किस तरह से आप खरपतवार को दूर कर सकते हैं.
बीज उपचार
कृषि विज्ञान केंद्र, सुल्तानपुर में कार्यरत कृषि वैज्ञानिक डॉ. जे. बी. सिंह ने लोकल 18 से बताया कि यदि हमें अपने मूंग और उड़द के खेतों में खरपतवार उगने से रोकना है, तो सबसे पहले बीज का उपचार करना होगा. बीज उपचार के लिए मूंग और उड़द के बीज का शोधन करने के बाद इसे एक बोरी में फैला लेना चाहिए और राइजोबियम कल्चर से उपचारित करना चाहिए. इसके लिए आधा लीटर पानी में 50 ग्राम गुड़ और 200 ग्राम राइजोबियम कल्चर का पूरा पैकेट मिलाकर मिश्रण तैयार कर लें. इस मिश्रण को 10 किलोग्राम बीज के ऊपर छिड़ककर हल्के हाथों से मिला लें, जिससे बीज के ऊपर एक हल्की परत बन जाती है. इसके बाद बीज को छांव में 1 से 2 घंटे तक सुखाएं और सुबह 9:00 बजे तक बुवाई करें या फिर शाम 4:00 बजे के बाद, क्योंकि तेज धूप में कल्चर के जीवाणु मर सकते हैं.
इस दवा का करें इस्तेमाल
फसल में जब खरपतवार उगते हैं, तो पौधों का विकास प्रभावित होता है. इसके साथ ही उत्पादन पर 30 प्रतिशत तक असर पड़ सकता है. ऐसे में जरूरी है कि किसान बुवाई के समय ही खरपतवारनाशी पायरोक्सासल्फोन 85% डब्ल्यू.जी. का इस्तेमाल करें, जिससे खरपतवार को उगने से रोका जा सके. यदि खरपतवार उग भी आते हैं, तो सिंचाई के दौरान वे खुद ही नष्ट हो सकते हैं.
इस समय करें दवा का छिड़काव
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, किसान मूंग के खेतों में खरपतवारनाशी पायरोक्सासल्फोन का छिड़काव करें. इसके इस्तेमाल के दौरान कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए. मूंग की बुवाई के 72 घंटे बाद पायरोक्सासल्फोन 85% दवा का उपयोग करें. 60 ग्राम पायरोक्सासल्फोन को 250 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें. इससे खरपतवार नहीं उगेंगे और पौधों का विकास बेहतर होगा, जिससे मूंग और उड़द की पैदावार भी अच्छी होगी.
About the Author
विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें





