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जालौर में अप्रैल में ही लू का कहर, बच्चों पर बढ़ा खतरा, पलाश के फूल बना देसी राहत का असरदार उपाय

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Child Heatstroke Prevention Tips : जालौर में अप्रैल की शुरुआत में ही तेज गर्मी और लू ने हालात बिगाड़ दिए हैं, जिसका सबसे ज्यादा असर बच्चों पर दिख रहा है. अस्पतालों में गर्मी से जुड़ी बीमारियां बढ़ रही हैं. ऐसे में आयुर्वेदिक उपाय, खासकर पलाश के फूल, लू से बचाव और शरीर को ठंडक देने में कारगर साबित हो रहे हैं.

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जालौर : अप्रैल की शुरुआत में ही जालोर भीषण गर्मी और लू की चपेट में आ गया है. पारा 40 डिग्री के आसपास पहुंचने से हालात ऐसे बन गए हैं, जैसे मई-जून का पीक सीजन चल रहा हो. तेज धूप और गर्म हवाओं ने आमजन का जीवन प्रभावित कर दिया है, लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों की सेहत पर देखने को मिल रहा है. स्कूल से लौटते समय बच्चे थकान, चक्कर और कमजोरी की शिकायत कर रहे हैं.

अस्पतालों में भी अब गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मामलों में इजाफा हो रहा है. डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चों में डिहाइड्रेशन, बुखार, उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. बच्चों का शरीर गर्मी को सहन करने में उतना ताकतवर नहीं होता, जिससे लू लगने का खतरा ज्यादा रहता है. ऐसे में आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति एक बार फिर लोगों के लिए राहत का रास्ता बनकर सामने आ रही है. खासतौर पर पलाश के फूलों का उपयोग लू से बचाव के लिए बेहद कारगर माना जा रहा है.

पलाश के फूल से लू से राहत आसान
पलाश के फूलों में प्राकृतिक ठंडक देने वाले गुण होते हैं, जो शरीर के तापमान को संतुलित करने में मदद करते हैं. आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉक्टर श्रीराम वैद्य के अनुसार… लगभग 20 ग्राम पलाश के फूलों को पानी में भिगोकर उस पानी में कपड़ा या टॉवल गीला करके बच्चे को ओढ़ाना चाहिए और उसे पंखे के नीचे लिटाना चाहिए. ऐसा करने से शरीर को ठंडक मिलती है और लू का असर धीरे-धीरे कम होने लगता है.

बच्चों को लू से बचाने का देसी उपाय
स्थानीय आयुर्वेदिक डॉक्टर श्रीराम वैद्य ने लोकल 18 को बताया कि….गर्मी के मौसम में बच्चों को लू से बचाना बहुत जरूरी है. पलाश के फूल एक प्राकृतिक कूलिंग एजेंट की तरह काम करते हैं. अगर इन फूलों को पानी में भिगोकर उस पानी से शरीर को ठंडक दी जाए, तो लू का असर जल्दी कम हो जाता है. साथ ही बच्चों को ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ देना भी जरूरी है.

गर्मी में बच्चों की सेहत का खास ख्याल
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि बच्चों को दोपहर के समय धूप में बाहर जाने से बचाएं, हल्के और सूती कपड़े पहनाएं और पर्याप्त पानी पिलाते रहें. गर्मी के इस बढ़ते प्रकोप के बीच यह देसी और आसान उपाय लोगों के लिए काफी राहत देने वाला साबित हो सकता है, खासकर छोटे बच्चों के लिए, जो इस मौसम में सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले बच्चे होते हैं.

About the Author

Rupesh Kumar Jaiswal

A Delhi University graduate with a postgraduate Diploma in Journalism and Mass Communication, I work as a Content Editor with the Rajasthan team at News18 India Digital. I’m driven by the idea of turning raw in…और पढ़ें



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