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गाजियाबाद में भीषण गर्मी और 40°C से ऊपर पहुंचे तापमान ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है. लू से बढ़ते मामलों को देखते हुए एमएमजी अस्पताल में विशेष हीट वेव वार्ड और कोल्ड रूम की व्यवस्था की गई है, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और दोपहर में बाहर न निकलने की सलाह दी है.
गाजियाबाद. एनसीआर में पड़ रही भीषण गर्मी ने लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बदल दी है, खासकर गाजियाबाद में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है. तेज धूप और लू के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. ऐसे हालात को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह सतर्क हो गया है और अस्पतालों में विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके.
गाजियाबाद के जिला एमएमजी अस्पताल के सीएमएस राकेश कुमार सिंह ने बताया कि गर्मी से प्रभावित मरीजों के लिए विशेष हीट वेव वार्ड तैयार किया गया है. इस वार्ड को पूरी तरह ठंडा रखने के लिए एसी, कूलर और पंखों की व्यवस्था की गई है. अस्पताल प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि जो भी मरीज बेहोशी या लू से प्रभावित हालत में इमरजेंसी में पहुंचेगा उसे तुरंत इस विशेष वार्ड में भर्ती किया जाएगा ताकि उसे समय पर राहत मिल सके. हीट वेव वार्ड में मरीजों की देखभाल के लिए दो डॉक्टरों के साथ 12 से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है. इस वार्ड में फिलहाल 20 बेड की व्यवस्था है और जरूरत पड़ने पर 10 अतिरिक्त बेड भी तुरंत लगाए जा सकते हैं. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए हर स्तर पर तैयारी की गई है ताकि किसी भी तरह की लापरवाही की गुंजाइश ना रहे.
वार्ड के साथ ही एक खास कोल्ड रूम भी तैयार
वार्ड के साथ ही एक खास कोल्ड रूम भी तैयार किया गया है जहां हीट वेव से गंभीर रूप से प्रभावित मरीजों को कुछ समय के लिए ठंडा किया जाएगा. इस कमरे में बाथ टब, आइस, ग्लूकोज और जरूरी दवाइयों की व्यवस्था की गई है. मरीज को पहले इस कोल्ड रूम में राहत दी जाती है और फिर उसे सामान्य बेड पर शिफ्ट कर दिया जाता है. यह व्यवस्था खास तौर पर उन मरीजों के लिए है जिनकी हालत ज्यादा गंभीर होती है. डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें. अगर बाहर जाना जरूरी हो तो शरीर को पूरी तरह ढककर निकलें और चेहरे को भी कपड़े से कवर रखें. साथ ही अधिक मात्रा में पानी पिएं और हल्का व पौष्टिक भोजन करें. बाहर का खाना गर्मी में जल्दी खराब हो जाता है इसलिए घर का बना ताजा खाना ही खाएं. अस्पताल में इन दिनों उल्टी, दस्त, बुखार और पेट खराब जैसे मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है. ऐसे में थोड़ी सी सावधानी ही आपको बड़ी परेशानी से बचा सकती है. स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को जागरूक कर रहा है ताकि इस भीषण गर्मी के असर को कम किया जा सके और सभी सुरक्षित रह सकें.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें


