Exam Stress In Childrens Increasing Nowadays : परीक्षा परिणाम अब केवल अंक नहीं, बल्कि कई बच्चों के लिए मानसिक दबाव का कारण बनता जा रहा है. हाल ही में पाली में 10वीं के रिजल्ट के बाद एक छात्र द्वारा उठाया गया खौफनाक कदम इस गंभीर समस्या की ओर इशारा करता है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते बच्चों के व्यवहार में हो रहे बदलावों को समझ लिया जाए, तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है. राजस्थान के मनोचिकित्सक डॉ. संजय गहलोत के अनुसार, माता-पिता और स्कूल दोनों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों के साथ संवाद बनाए रखें और उन्हें मित्र की तरह समझें. बच्चों पर अत्यधिक अपेक्षाओं का दबाव, तुलना और परिवारिक माहौल भी उन्हें मानसिक तनाव की ओर धकेल सकता है. ऐसे में जरूरी है कि अभिभावक बच्चों को यह समझाएं कि परीक्षा जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं है, बल्कि एक पड़ाव है, और हर स्थिति में उनका साथ सबसे महत्वपूर्ण है.





