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सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को बंगाल के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) पर जोरदार बहस हुई. टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने 45 लाख केस निपटाए जाने और एक ही दिन में 30,000 फॉर्म-6 जमा करने पर सवाल उठाए हैं. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि न्यायाधिकरण दस्तावेजों की शुद्धता की जांच करेगा और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन होगा.
टीएमसी बंगाल चुनाव से पहले क्यों सुप्रीम कोर्ट पहुंची?
नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली में उच्चतम न्यायालय के भीतर पश्चिम बंगाल चुनाव की सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है. तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के मुद्दे पर अदालत में अपनी दलीलें पेश करते हुए निर्वाचन आयोग और बीजेपी को कटघरे में खड़ा किया. उन्होंने अदालत के बाहर मीडिया से बात करते हुए दावा किया है कि इससे बंगाल चुनाव को प्रभावित किया जा रहा है. कल्याण बनर्जी ने बताया कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा भेजी गई तीन रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 40 से 45 लाख मामलों का निपटारा किया जा चुका है. उन्होंने कहा, ‘यह जानकारी निर्वाचन आयोग द्वारा सार्वजनिक की जानी चाहिए थी. निर्वाचन आयोग ने न्यायाधिकरण (Tribunal) के कामकाज पर आपत्ति जताई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया है.’
अब कल्याण बनर्जी ने स्पष्ट किया कि न्यायाधिकरण अब पूरी तरह सक्रिय होगा और प्रत्येक अपील पर दस्तावेजों की सत्यता की जांच करने के बाद ही फैसला करेगा कि किसे मतदाता सूची में शामिल किया जाना चाहिए और किसे नहीं. सांसद ने कोर्ट के सामने एक बेहद गंभीर मुद्दा उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के ठीक बाद, एक ही दिन में एक विशेष राजनीतिक दल द्वारा 30,000 ‘फॉर्म-6’ (नए मतदाता पंजीकरण के लिए) जमा किए गए.
कल्याण बनर्जी ने कहा, ‘अधिनियम और नियमों के तहत, इस स्तर पर इतने बड़े पैमाने पर फॉर्म-6 जमा करने का कोई प्रावधान नहीं है. यह पूरी तरह से अवैध और चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर की कोशिश है.’ उन्होंने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी मौखिक रूप से इस पर टिप्पणी की है कि ऐसा नहीं किया जा सकता.
#WATCH | Delhi: On SIR in West Bengal hearing in SC, TMC MP Kalyan Banerjee says, “Chief Justice Bench, and the court has said that three reports had been sent by the Chief Justice of the Calcutta High Court. According to the reports, almost 40 to 45 lakh cases have been… pic.twitter.com/gbhrW12QGl





