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Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर के कोरोटाना खुर्द में आधी रात को सुरक्षा बलों ने एक संदिग्ध पीला पैकेट बरामद किया है. यह पैकेट जोगिंदर सिंह नाम के शख्स के खेत में मिला है. शुरुआती जांच में इसमें नशीला पदार्थ होने की आशंका जताई गई है. हाल के दिनों में सीमा पार से ड्रोन के जरिए ड्रग्स गिराने की घटनाएं बढ़ी हैं, इससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और सतर्कता दोनों बढ़ गई हैं.
जम्मू-कश्मीर के कोरोटाना खुर्द में खेत से संदिग्ध पैकेट बरामद हुआ है.
Jammu Kashmir News: सीमा से सटे इलाकों में अब खतरा सिर्फ गोलियों या घुसपैठ तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि एक नई और खतरनाक चुनौती तेजी से सामने आ रही है. यह है ड्रोन के जरिए नशे और हथियारों की तस्करी. जम्मू-कश्मीर के कोरोटाना खुर्द में आधी रात को जो हुआ, उसने एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी. जोगिंदर सिंह नाम के शख्स के खेत में मिला संदिग्ध पीला पैकेट सिर्फ एक बरामदगी नहीं, बल्कि उस नेटवर्क की ओर इशारा करता है जो सीमा पार से भारत में जहर घोलने की कोशिश कर रहा है. यह घटना बताती है कि दुश्मन अब नए तरीकों से वार कर रहा है और चुनौती पहले से ज्यादा जटिल हो चुकी है.
इस तरह की घटनाएं अब अपवाद नहीं रहीं. सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन ड्रॉप की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. हर नया पैकेट सुरक्षा के लिए एक नई पहेली बन जाता है. सवाल यह है कि क्या हम इस बदलते खतरे के लिए पूरी तरह तैयार हैं या फिर हर बार सिर्फ प्रतिक्रिया देने तक सीमित रहेंगे?
सीमा पर बढ़ता ड्रोन खतरा, खेतों में गिर रहे संदिग्ध पैकेट
- जम्मू-कश्मीर के कोरोटाना खुर्द स्थित बीओपी के पास सुरक्षा बलों ने रात करीब 10 बजे सर्च ऑपरेशन चलाया. इस दौरान जोगिंदर सिंह के खेत से पीले टेप में लिपटा एक संदिग्ध पैकेट बरामद हुआ. इसका वजन करीब 1.5 से 2 किलोग्राम बताया जा रहा है. शुरुआती जांच में इसमें नशीला पदार्थ होने की आशंका जताई गई है. बरामदगी के बाद पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और एजेंसियां इसके स्रोत की जांच में जुट गई हैं.
- यह पहली बार नहीं है जब सीमा के पास खेतों से इस तरह के पैकेट मिले हों. पिछले कुछ महीनों में जम्मू सेक्टर में ड्रोन के जरिए नशे और हथियार गिराने की कई घटनाएं सामने आई हैं. सुरक्षा बलों के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन चुका है, क्योंकि ड्रोन का इस्तेमाल करके तस्कर आसानी से सीमा पार कर जाते हैं और पकड़े जाना मुश्किल हो जाता है.
यह संदिग्ध पैकेट क्या हो सकता है?
शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि पैकेट में हेरोइन या अन्य नशीला पदार्थ हो सकता है. ऐसे मामलों में आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क शामिल होता है, जो ड्रोन के जरिए भारत में ड्रग्स सप्लाई करता है. लैब जांच के बाद ही इसकी पुष्टि हो पाएगी.
क्या यह ड्रोन ड्रॉप का मामला हो सकता है?
हां, सुरक्षा एजेंसियां इसे ड्रोन ड्रॉप से जोड़कर देख रही हैं. जम्मू सेक्टर में हाल के दिनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए खेतों में पैकेट गिराए गए. हालांकि इस मामले में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पैटर्न काफी हद तक समान है.
पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं क्या?
जी हां, हाल ही में बिश्नाह और आरएस पुरा क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर हेरोइन बरामद की गई थी. 12 मार्च 2026 को करीब 2 किलोग्राम हेरोइन मिली थी, जिसकी कीमत करोड़ों में आंकी गई. वहीं फरवरी में 6.5 किलोग्राम तक की खेप पकड़ी गई थी. ये सभी घटनाएं ड्रोन तस्करी की ओर इशारा करती हैं.
लगातार बढ़ रही तस्करी, सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौती
सीमा पार से हो रही इस तरह की गतिविधियां सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बनती जा रही हैं. ड्रोन तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल ने तस्करों को नया हथियार दे दिया है. ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों को भी अपनी रणनीति बदलनी होगी. निगरानी सिस्टम को और मजबूत करना होगा, ताकि इस तरह के नेटवर्क को समय रहते खत्म किया जा सके.
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सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 3 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें




