राजा रवि वर्मा की पेंटिंग ने मकबूल फिदा हुसैन को पछाड़ा, कीमत जानकर चकरा जाएगा सिर

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राजा रवि वर्मा की पेंटिंग ने मकबूल फिदा हुसैन को पछाड़ा, कीमत जान सिर चकराएगा

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भारत के विश्‍व विख्‍यात कलाकार राजा रवि वर्मा की प्रसिद्ध पेंटिंग ‘यशोदा और कृष्ण’ ने विश्व रिकॉर्ड बना दिया है. इसने मकबूल फिदा हुसैन का भी रिकार्ड तोड़ दिया है. यह पेंटिंग भारतीय कला की ‘मोना लिसा’ कही जाती है. यह चित्र मां और बच्चे के सार्वभौमिक विषय को दर्शाता है, जो ईसाई कला में मदर मैरी और जीसस की याद दिलाता है.

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167.2 करोड़ में बिकी है पेटिंग. सांकेतिक फोटो

नई दिल्ली. भारत के विश्‍व विख्‍यात कलाकार राजा रवि वर्मा की प्रसिद्ध पेंटिंग ‘यशोदा और कृष्ण’ ने विश्व रिकॉर्ड बना दिया है. इसने मकबूल फिदा हुसैन का भी रिकार्ड तोड़ दिया है. यह पेंटिंग भारतीय कला की ‘मोना लिसा’ कही जाती है. यह चित्र मां और बच्चे के सार्वभौमिक विषय को दर्शाता है, जो ईसाई कला में मदर मैरी और जीसस की याद दिलाता है. दिल्ली आर्ट गैलरी के प्रबंध निदेशक और सीईओ अशीष आनंद ने कहा कि यह पेंटिंग न केवल नया विश्व रिकॉर्ड बना चुकी है, बल्कि इसे बहुत मजबूती से हासिल किया गया है.

हिन्‍दुस्‍तान टाइम्‍स की खबर के अनुसार इस पेटिंग का अनुमान 80 करोड़ रुपए था, लेकिन यह उससे 167.2 करोड़ ज्यादा में बिकी है. यानी 100 फीसदी से भी अधिक की बढ़ोतरी हुई है. पिछले साल मार्च में मकबूल फिदा हुसैन की एक पेंटिंग न्यूयॉर्क में क्रिस्टीज नीलामी में 13.7 मिलियन डॉलर (लगभग ₹118.7 करोड़) में बिकी थी, जो उस समय भारतीय कला का विश्व रिकॉर्ड था.

रवि वर्मा की इस पेंटिंग ने उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया. नई कीमत पुराने रिकॉर्ड से 49.2 करोड़ रुपए ज्यादा रही, यानी करीब 40 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. ‘यशोदा और कृष्ण’ की ये पेटिंग 1890 के दशक के आसपास की है. इसमें यशोदा को काम करते हुए और छोटे कृष्ण को उनके पास आते दिखाया गया है. यह पेटिंगअपनी दुर्लभ, भावनात्मक गहराई और कलात्मक उत्कृष्टता के कारण कला प्रेमियों और संग्राहकों के बीच खूब लोकप्रिय रहा है.

आशीष आनंद ने कहा कि यह बिक्री भारतीय कला बाजार की बढ़ती परिपक्वता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती दिलचस्पी को दर्शाती है. राजा रवि वर्मा की यह पेंटिंग अब तक की सबसे महंगी भारतीय कला कृति बन गई है. यह उपलब्धि न केवल रवि वर्मा की कलाकृति की ग्‍लोबल प्रतिष्‍ठा बढ़ाएगी, बल्कि भविष्य में भारतीय कलाकारों की अन्य दुर्लभ पेटिंग की कीमतों में इजाफा करेगी. कला विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय कला बाजार अब नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है.

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Sharad Pandeyविशेष संवाददाता

करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्‍यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें



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