Agriculture Success Story: बिहार के अररिया जिले से एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है. जो रिवर्स माइग्रेशन और तकनीक के मेल का शानदार उदाहरण है. कभी पंजाब के खेतों में पसीना बहाने वाले रानीगंज प्रखंड के कलानंद ऋषि आज अपने गांव में ही स्मार्ट किसान बनकर उभरे हैं. कलानंद ने मजदूरी का रास्ता छोड़ मात्र 3500 रुपये की एक इलेक्ट्रॉनिक स्प्रे मशीन खरीदी और इसे ही अपनी कमाई का जरिया बना लिया. इस आधुनिक मशीन की मदद से वे रोजाना 4-5 एकड़ खेतों में कीटनाशकों का छिड़काव करते हैं. जिससे उन्हें प्रतिदिन 500 रुपये और महीने में 20 से 30 हजार रुपये तक की आय हो रही है. खास बात यह है कि पेट्रोल-डीजल वाली महंगी मशीनों के मुकाबले यह इलेक्ट्रॉनिक मशीन एक बार चार्ज होने पर पूरे दिन काम करती है. आज अररिया के भरगामा और रानीगंज प्रखंड के दर्जनों गांवों के किसान कलानंद की इस सेवा का लाभ उठा रहे हैं. यह कहानी साबित करती है कि अगर सही तकनीक और हौसला हो, तो अपनी मिट्टी में भी सुनहरी सफलता उगाई जा सकती है.





