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राघव चड्ढा को राज्यसभा उपसभापति पद से हटाए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है. उन्होंने हाल में संसद में पितृत्व अवकाश, फ्लाइट देरी पर मुआवजा, ट्रैफिक जाम, छोटे निवेशकों की सुरक्षा और फूड कंपनियों के भ्रामक विज्ञापनों जैसे कई अहम मुद्दे उठाए थे, जिन्हें लेकर अब नई सियासी चर्चा शुरू हो गई है. बड़ा सवाल यह है कि क्या राघव चड्ढा की बढ़ती लोकप्रियता आम आदमी पार्टी को खलने लग गई थी?
आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सांसद को सदन के उपसभापति के पद से हटा दिया है. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपसभापति पद से हटा दिया गया है. इस फैसले के बाद सियासी हलकों में उन मुद्दों को लेकर चर्चा तेज हो गई है, जो बीते दिनों राघव चड्ढा ने संसद में उठाए थे. सियासी गलियारों में सवाल इस बात को लेकर भी उठ रहे हैं कि क्या जनता से जुड़े सवाल और उससे मिलती लोकप्रियता की वजह से आम आदमी पार्टी ने उन्हें इस पद से हटा दिया. आपको बता दें कि राघव चड्ढा लगातार संसद में ऐसे मुद्दे उठाते रहे हैं, जो सीधे आम जनता और सरकार की नीतियों से जुड़े थे.
बीते दिनों राघव चड्ढा ने पितृत्व अवकाश को कानूनी अधिकार बनाने की मांग संसद में उठाई थी. इस मसले पर उन्होंने कहा था कि बच्चे के जन्म के समय सिर्फ मां ही नहीं, बल्कि पिता की भी बराबर जिम्मेदारी होती है. उनका कहना था कि एक पिता को अपने नवजात बच्चे की देखभाल और नौकरी के बीच चुनाव करना पड़ता है. वहीं, मां को भी इस कठिन समय में पति के सहयोग की जरूरत होती है. उन्होंने संसद में इस मुद्दे को उठाकर कानून में बदलाव की मांग की थी. राघव चड्ढा की इस मांग के बाद पितृत्व अवकाश को लेकर नई बहस छिड़ गई थी.
राज्ससभा राघव चड्ढा ने संसद में उठाए ये मुद्दे
- एयरलाइंस बैगेज पॉलिसी: संसद में बहस के दौरान राघव चड्ढा एयरलाइन बैगेज पॉलिसी को लेकर भी सवाल खड़े किए थे. उन्होंने संसद में कहा था कि यदि यात्रियों का सामान ग्राम में भी ज्यादा हो जाए तो एयरलाइंस अतिरिक्त शुल्क वसूलती है. लेकिन जब फ्लाइट में घंटों की देरी होती है तो यात्रियों को कोई मुआवजा नहीं दिया जाता. उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्री से पूछा था कि क्या सरकार फ्लाइट में देरी होने पर यात्रियों को मुआवजा देने के लिए कोई ठोस नीति बना रही है.
- शहरों में बढ़ता ट्रैफिक जाम: इस मुद्दे पर सवाल खड़ा करते हुए सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में कहा था कि मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, पुणे, कोलकाता और चेन्नई जैसे शहरों में लोग हर साल 100 से 168 घंटे तक ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यह सिर्फ समय की बर्बादी नहीं है, बल्कि इससे प्रोडक्टिविटी पर भी असर पड़ता है, साथ ही, फ्यूल की खपत बढ़ती है और प्रदूषण भी होता है. राघव चड्ढा ने इसके समाधान के लिए नेशनल अर्बन डी-कंजेशन मिशन शुरू करने की मांग की थी.
- शेयर बाजार में गिरावट: इस मु्द्दे पर राघव चड्ढा ने कहा था कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण भारतीय निवेशकों को नुकसान हो रहा है. भारत इस युद्ध का हिस्सा नहीं है, फिर भी यहां के छोटे निवेशक इसकी कीमत चुका रहे हैं. उन्होंने छोटे निवेशकों, एसआईपी होल्डर्स और मिडिल क्लास परिवारों के लिए राहत पैकेज की मांग की थी. इसके तहत टैक्स में छूट और निवेश से जुड़े नियमों में कुछ राहत देने का सुझाव भी उन्होंने दिया था.
- फूड इंडस्ट्री के भ्रामक विज्ञापन: राघव चड्ढा ने आरोप लगाया था कि कई बड़ी कंपनियां फलों के जूस के नाम पर चीनी मिला पेय बेच रही हैं. ये कंपनियां पैकेट पर आकर्षक तस्वीरों के जरिए लोगों को गुमराह कर रही हैं. उन्होंने कहा कि इससे खासकर बच्चों में डायबिटीज और लाइफस्टाइल बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है. उन्होंने इस पर सख्त नियम बनाने की मांग की थी.
- मोबाइल डाटा प्लांस: संसद में मोबाइल डेटा प्लान्स को लेकर भी राघव चड्ढा ने मुद्दा उठाया था. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा था कि टेलीकॉम कंपनियां यूजर्स से पूरा पैसा लेती हैं, लेकिन बचा हुआ डेटा दिन खत्म कर देती हैं. उन्होंने मांग थी कि अनयूज्ड डेटा को अगले दिन के लिए कैरी फारवर्ड किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को उनका पूरा फायदा मिल सके। साथ ही, अनयूज्ड डेटा का अगली रिचार्ज में एडजस्टमेंट और जरूरत पड़ने पर उसे परिवार या दोस्तों को ट्रांसफर करने की सुविधा भी दी जाए.
इनके अलावा भी कई ऐसे मु्द्दे रहे हैं, जो राघव चड्ढा ने मुखर होकर संसद में उठाए थे. आम जनता से जुड़े इन मुद्दों ने नकवेल संसद के भीतर, बल्कि आम जनता के बीच भी खासी चर्चा बटोरी थी. वहीं, राज्यसभा के उपसभापति का पद हाथ से जाने के बाद कई तरह के कयास लगाए जा रहे है. सवाल यह भी है कि संसद में उठाए गए मुद्दे तो राघव चड्ढा को भारी नहीं पड़ गए. क्या जनता के मुद्दों की वजह से बढ़ती उनकी लोकप्रियता आम आदमी पार्टी को खलने लग गई. हालांकि, ऐसा क्यों हुआ, इसको लेकर अभी तक कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है.
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Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें




