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नितिन गडकरी ने न्यूज18 इंडिया के साथ एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में मोदी सरकार की उपलब्धियों और भविष्य के रोडमैप पर विस्तार से चर्चा की. गडकरी ने दावा किया कि अगले 3-4 वर्षों में असम और नॉर्थ-ईस्ट का सड़क नेटवर्क अमेरिका के बराबर शानदार होगा. घुसपैठ के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अवैध नागरिकों को कोई देश स्वीकार नहीं कर सकता. इसे हिंदू-मुस्लिम चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए. मिडिल ईस्ट संकट पर भी उन्होंने बात की.
अगले तीन से चार सालों में नॉर्थ-ईस्ट के रोड अमेरिका जैसे होंगे.
Nitin Gadkari Exclusiv Interview: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने न्यूज18 इंडिया के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत की. उन्होंने न्यूज18 इंडिया के एग्जीक्यूटिव एडिटर अमिताभ सिन्हा से बातचीत में देश के ज्वलंत मुद्दों पर अपनी बेबाकी से राय रखी. गडकरी ने नॉर्थ-ईस्ट के बदलते स्वरूप से लेकर बंगाल में घुसपैठ और मिडिल ईस्ट संकट पर भी बात की.
गडकरी ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार आने के बाद असम और उत्तर-पूर्व की स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव आया है. उन्होंने घोषणा की कि अकेले असम में 2 लाख करोड़ रुपये के सड़क प्रोजेक्ट्स पर काम हो रहा है. उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले 3-4 सालों में नॉर्थ-ईस्ट का रोड नेटवर्क अमेरिका के स्तर का होगा. गडकरी के अनुसार, जब सरकार के काम से सकारात्मकता आती है, तो एंटी-इनकंबेंसी का सवाल ही पैदा नहीं होता.
घुसपैठ और तुष्टीकरण पर प्रहार
अवैध नागरिकों और बंगाल के हालात पर सवाल के जवाब में गडकरी ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि बताया. उन्होंने कहा कि दुनिया का कोई भी देश अवैध नागरिकों को स्वीकार नहीं करता. यह किसी धर्म (मुसलमानों) के खिलाफ नहीं, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा और संसाधनों के अधिकार का मामला है. बंगाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बाहर के लोगों को बुलाकर वोटर बनाना देशहित में नहीं है. राष्ट्रीय हितों को चुनावी लाभ से ऊपर देखा जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा कि संविधान के तहत पीड़ित हिंदू, सिख और बौद्धों को शरण देना अलग विषय है, लेकिन अवैध रूप से घुसपैठ करना गलत है. उन्होंने बंगाल में बीजेपी की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनने का दावा भी किया.
मिडिल ईस्ट संकट: डरने की जरूरत नहीं
ईरान-इजरायल और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव पर गडकरी ने देश की जनता को भरोसा दिलाया. उन्होंने कहा कि सरकार हर स्थिति पर नजर रखे हुए है. भारत में न पेट्रोल पंपों पर लाइनें हैं और न ही गैस सिलेंडर की कमी है. उन्होंने जोर दिया कि संकट के समय हम विकल्प तलाश रहे हैं और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं ताकि वैश्विक अस्थिरता का असर भारतीय जनता पर न पड़े.
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Deep Raj Deepak working with News18 Hindi (hindi.news18.com/) Central Desk since 2022. He has strong command over national and international political news, current affairs and science and research-based news. …और पढ़ें




