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भारत के एंबेसडर अभय कुमार ने अजरबैजान के विदेश मंत्री जेहुन बैरामोव से मुलाकात की. उन्होंने औपचारिक तौर पर अपने परिचय पत्र की कॉपी सौंपी. दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों पर अपनी सार्थक चर्चा की. मीटिंग में भारत और अजरबैजान के रिश्तों की समीक्षा की गई. इसके अलावा आगे के सहयोग और संभावनाओं पर भी गहरी बात हुई.
मिडिल ईस्ट के तनाव पर भारत और अजरबैजान में अहम चर्चा हुई.
नई दिल्ली/बाकू. भारत ने ईरान में फंसे अपने नागरिकों को जमीनी सीमा चौकियों के माध्यम से सुरक्षित निकासी कराने के लिए अजरबैजान सरकार का आभार व्यक्त किया है. नई दिल्ली में एक साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि लगभग 204 भारतीय नागरिक सफलतापूर्वक ईरान से अजरबैजान में प्रवेश कर चुके हैं. उन्होंने बताया कि कई लोग पहले ही भारत लौट चुके हैं, जबकि अन्य के आने वाले दिनों में पहुंचने की उम्मीद है.
जायसवाल ने कहा, “अजरबैजान में हमारे राजदूत मौजूद हैं. हमारे कई भारतीय नागरिक – ठीक-ठीक कहें तो 204 – ईरान से अजरबैजान के लिए जमीनी सीमा चौकियों के रास्ते निकलने में सफल रहे हैं. वो लोग वहां से, वे स्वदेश लौटेंगे. उनमें से कई लौट चुके हैं; बाकी अगले कुछ दिनों में लौट आएंगे.” उन्होंने आगे कहा, “हम अजरबैजान सरकार के आभारी हैं कि उन्होंने जमीनी रास्ते ईरान से भारतीय नागरिकों के निकलने में मदद की. हमारे दोनों पक्षों के बीच परामर्श और नियमित आदान-प्रदान होता रहता है.”
बुधवार को, भारत के राजदूत अभय कुमार ने अजरबैजान के विदेश मंत्री जेहुन बैरामोव से मुलाकात की और औपचारिक तौर पर अपने ‘परिचय पत्र की एक प्रति’ प्रस्तुत की. दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर सार्थक चर्चा की. अजरबैजान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में अजरबैजान-भारत के बीच संबंधों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई और आगे के सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया.
दोनों पक्षों ने मध्य पूर्व में जारी तनाव पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया. विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारतीय राजदूत ने ईरान से भारतीय नागरिकों को निकालने के दौरान दिए गए सहयोग के लिए अजरबैजान सरकार के प्रति गहरी कृतज्ञता भी व्यक्त की. पिछले महीने, एमईए ने बताया था कि ईरान में फंसे कम से कम 882 भारतीय नागरिक – जिनमें छात्र, पेशेवर और तीर्थयात्री शामिल हैं – अजरबैजान और आर्मेनिया के रास्ते अपने घर लौट आए हैं.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें





