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Assam chunav Congress Manifesto: कांग्रेस ने असम विधानसभा चुनाव का अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है. पार्टी नेता राहुल गांधी ने चुनावी रैली में ‘राइजोर इस्तहार’ पेश करते हुए शासन, स्वास्थ्य, पहचान और विकास समेत 11 प्रमुख क्षेत्रों में बदलाव का रोडमैप रखा. घोषणापत्र में सबसे बड़ा वादा छह मूल निवासी समुदायों को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने का है. इसके साथ ही कांग्रेस ने भ्रष्टाचार पर सख्ती दिखाते हुए भ्रष्टाचार-रोधी आयोग के गठन और कॉरपोरेट घरानों को आवंटित बड़े भूखंडों की जांच के लिए एसआईटी बनाने की बात कही है. पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश देने का वादा भी किया गया है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को असम विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का घोषणापत्र जारी किया.
गुवाहाटी: असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपना विस्तृत घोषणापत्र ‘राइजोर इस्तहार’ जारी कर दिया है. Rahul Gandhi ने पार्टी नेताओं के साथ इसे लॉन्च किया, जिसमें राज्य के सामाजिक संतुलन, विकास और पारदर्शी शासन पर जोर दिया गया है. घोषणापत्र में 11 अहम क्षेत्रों को केंद्र में रखकर कई बड़े वादे किए गए हैं.
कांग्रेस ने वादा किया है कि सत्ता में आने पर छह मूल निवासी समुदायों, जिनमें चाय बागान से जुड़े जनजाति समुदाय भी शामिल हैं, को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा दिया जाएगा. इसके साथ ही चाय उद्योग को पुनर्जीवित करने, श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी और बुनियादी सुविधाएं जैसे पानी, सड़क, बिजली और स्कूल बस उपलब्ध कराने की बात कही गई है.
घोषणापत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने का भी भरोसा दिया गया है. पार्टी ने भ्रष्टाचार-रोधी आयोग बनाने और कॉरपोरेट घरानों को आवंटित बड़ी जमीनों की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की घोषणा की है. इसके अलावा पुलिसकर्मियों के लिए साप्ताहिक अवकाश लागू करने का वादा भी किया गया है.
असम चुनाव में कांग्रेस के घोषणापत्र की प्रमुख बातें-:
- छह मूल निवासी समुदायों को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने का वादा
- भ्रष्टाचार-रोधी आयोग के गठन की घोषणा
- बड़े कॉरपोरेट्स को दी गई जमीन की जांच के लिए SIT बनाने का प्रस्ताव
- सभी पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश देने का वादा
- चाय बागान श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी, बेहतर सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर
- चाय उद्योग को प्रमुख उद्योग के रूप में पुनर्जीवित करने की योजना
- BTC, KAAC और दीमा हसाओ परिषदों को अधिक वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार
- विस्थापित आदिवासी समुदायों के पुनर्वास का वादा
- भूमि, राजस्व और कर प्रणाली में पारदर्शिता लाने का आश्वासन
- सरकारी नौकरियों और ठेकों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता
- पहले 100 दिनों में श्वेत पत्र जारी कर राज्य की वित्तीय स्थिति स्पष्ट करने की बात
कांग्रेस ने भरोसा जताया है कि सत्ता में आने के बाद पहले 100 दिनों में बड़े फैसले, एक साल में संस्थागत सुधार और पांच साल में व्यापक बदलाव किए जाएंगे. इससे पहले, कांग्रेस ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की यात्रा के दौरान 29 मार्च को ‘पांच गारंटी’ जारी की थीं. असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान और 4 मई को मतगणना होगी.
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अभिषेक कुमार News18 की डिजिटल टीम में बतौर एसोसिएट एडिटर काम कर रहे हैं. वे यहां बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तसीगढ़, उत्तराखंड की राजनीति, क्राइम समेत तमाम समसामयिक मुद्दों पर लिखते …और पढ़ें





