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Petrol-Diesel Price : कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. सरकारी तेल कंपनियों ने भले ही कीमतें न बढ़ाई हों, लेकिन उन्हें खुद इसका नुकसान उठाना पड़ा है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर पेट्रोल और डीजल पर जीएसटी लगाया जाए तो इसकी कीमत कितनी हो सकती है.
पेट्रोल और डीजल पर अभी 2 टैक्स और डीलर कमीशन लगता है. (Image:AI)
नई दिल्ली. ग्लोबल मार्केट पर नजर डालें तो कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल को भी पार कर चुकी हैं, लेकिन घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं आया है. ऐसे में अगर आपसे कहा जाए कि सरकार का एक फैसला पेट्रोल की खुदरा कीमत को सीधे 72 रुपये प्रति लीटर और डीजल को 69 रुपये पर ले आएगा तो शायद ही किसी को यकीन होगा. ऐसा तब जबकि पिछले साल मार्च के बाद से तेल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. पिछले साल मार्च में तेल की कीमतों में 2 रुपये कटौती की गई थी, जिसके बाद दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपये लीटर तो डीजल 87.62 रुपये लीटर हो गया था.
दुनिया पर नजर डालें तो आपको साफ दिखेगा कि कच्चे तेल के दाम जहां एक महीने में दोगुने के करीब पहुंच गए हैं, वहीं पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, अमेरिका सहित तमाम देशों में कीमतें 30 से 50 फीसदी तक बढ़ चुकी हैं. हालांकि, इस बीच भारत में सिर्फ प्रीमियम कैटेगरी वाले पेट्रोल जैसे XP95, Power95 और स्पीड में ही 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है. हालांकि, क्रूड की बढ़ती कीमतों के असर से कंपनियों को बचाने के लिए सरकार ने एक्सपोर्ट किए जाने वाले पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 फीसदी घटा दी है, ताकि कंपनियां अपने घाटे की भरपाई कर सकें.
…तो 170 रुपये लीटर होती कीमत
इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार, अगर क्रूड के मौजूदा भाव के हिसाब से देश में तेल की कीमतों को देखा जाए तो पेट्रोल में 26 रुपये लीटर और डीजल में 81.90 रुपये लीटर की बढ़ोतरी हो सकती थी. ऐसा न करके सरकारी तेल कंपनियां रोजाना करीब 2,400 करोड़ रुपये का घाटा सह रही हैं. अगर सरकार इसमें दखल नहीं देती तो मौजूदा संकट के बीच देश में पेट्रोल के दाम 120 रुपये लीटर और डीजल 170 रुपये लीटर पहुंच जाते.
अभी कितना लगता है टैक्स
दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.72 रुपये लीटर है, जिसमें 19.90 रुपये एक्साइज ड्यूटी, 3.77 रुपये लीटर डीलर का कमीशन, 15.39 रुपये प्रति लीटर वैट शामिल है. इस तरह, 557.66 रुपये लीटर वाला पेट्रोल करीब 68 फीसदी और महंगा हो जाता है. यह टैक्स हर राज्य में अलग-अलग रहता है, जिससे कीमतों में भी अंतर आता है. अगर इन सभी टैक्स को हटाकर जीएसटी लगा दिया जाए तो न सिर्फ तेल के दाम कम हो जाएंगे, बल्कि देशभर में इसकी कीमत एकसमान भी हो जाएगी.
जीएसटी लगने पर कितनी होगी पेट्रोल की कीमत
सरकार ने जीएसटी में सिर्फ तीन दरें कर दी हैं. 5 फीसदी, 18 फीसदी और 40 फीसदी. अगर पेट्रोल को 18 फीसदी जीएसटी के दायरे में लाया जाता है और इसमें 3.77 रुपये प्रति लीटर का डीलर कमीशन भी जोड़ दिया जाता है तो भी दिल्ली में इसकी कीमत 72.49 रुपये लीटर ही पहुंचेगी. इतना ही नहीं, अगर इसे 40 फीसदी वाले हानिकारक और लग्जरी उत्पादों की श्रेणी में रखकर जीएसटी लगाया जाए तो भी कीमत 86 रुपये लीटर होगी, जो मौजूदा 94.72 रुपये लीटर से कम ही है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें





