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Lemongrass Farming At Home: घर के किचन गार्डन में लेमनग्रास लगाना बेहद आसान और फायदेमंद है. यह पौधा कम देखरेख में भी अच्छी तरह बढ़ता है और गर्म मौसम में तेजी से फैलता है. इसे गमले या जमीन दोनों में उगाया जा सकता है. लेमनग्रास न केवल खाने और चाय में इस्तेमाल होता है, बल्कि इसके औषधीय गुण भी काफी लाभकारी होते हैं. यह पाचन सुधारने, तनाव कम करने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है. साथ ही, इसकी खुशबू मच्छरों को दूर रखने में भी सहायक होती है. इस तरह लेमनग्रास आपके घर को हेल्दी और फ्रेश बनाए रखने का आसान उपाय है.
भीलवाड़ा: आजकल लोग अपने घर के किचन गार्डन में ऐसे पौधे लगाना पसंद करते हैं, जिन्हें संभालना भी आसान हो और उनसे सेहत को भी फायदा मिले. इन्हीं पौधों में एक नाम लेमनग्रास का है, जिसे सुपरहर्ब माना जाता है। लेमनग्रास देखने में भी सुंदर लगता है और इसकी ताज़ा खुशबू पूरे घर के वातावरण को तरोताज़ा कर देती है. इसकी खास बात यह है कि इसे लगाने में बहुत मेहनत नहीं करनी पड़ती और यह लगभग हर मौसम में आसानी से पनप जाता है. किचन गार्डन में यह पौधा कम जगह घेरकर भी बेहतर तरीके से बढ़ता है, इसलिए छोटे घरों में रहने वाले लोग भी इसे आसानी से उगा सकते हैं.

लेमनग्रास लगाने के लिए किसी खास किस्म की मिट्टी की आवश्यकता नहीं होती. बस हल्की रेतीली और अच्छी ड्रेनेज वाली मिट्टी होनी चाहिए ताकि पानी जमा न हो. पौधा पानी ज्यादा पसंद नहीं करता, इसलिए शुरुआत में हल्का गीला वातावरण दें और बाद में दो या तीन दिन में एक बार पानी देना पर्याप्त होता है. इसे लगाने के लिए आप किसी भी पुरानी बाल्टी, टब या गमले का इस्तेमाल कर सकते हैं. गमले में थोड़ा गोबर खाद या वर्मी-कम्पोस्ट मिलाकर मिट्टी तैयार कर लें. लेमनग्रास की डंडियों को लगभग 3–4 इंच गहराई में लगाएं और ऊपर से हल्का पानी डाल दें. कुछ ही दिनों में यह आसानी से जड़ पकड़ लेता है.

देखभाल के मामले में लेमनग्रास बेहद कम मांग रखने वाला पौधा है. इसे ना ज्यादा खाद की जरूरत होती है और ना ही बार-बार पानी देने की. बस धूप अच्छी मिले तो इसकी ग्रोथ दोगुनी तेजी से होती है. इसकी जड़ों में फैलने की क्षमता काफी अधिक होती है, इसलिए यह पौधा अपने आप झाड़ी जैसा रूप ले लेता है और बार-बार पत्तियां निकालता रहता है. एक बार लगाया गया लेमनग्रास 3–4 साल तक चलता है और बीच-बीच में इसकी कटिंग लेकर नए पौधे भी तैयार किए जा सकते हैं. यह पौधा गर्मी और बारिश दोनों मौसम में आसानी से टिक जाता है और हवा की हल्की नमी भी इसे पसंद आती है.
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लेमनग्रास के फायदे इसे किचन गार्डन में लगाने का सबसे बड़ा कारण हैं. इसकी पत्तियों से बनने वाली चाय शरीर को डिटॉक्स करती है, वजन कम करने में मदद करती है और इम्युनिटी बढ़ाती है. इसके अलावा लेमनग्रास की प्राकृतिक खुशबू मच्छरों, कीड़ों और मक्खियों को दूर रखने में भी सहायक है, जिससे घर के आसपास साफ-सुथरा माहौल बना रहता है. कई लोग इसकी पत्तियों का इस्तेमाल खाना पकाने, काढ़ा बनाने और तेल में फ्लेवर बढ़ाने के लिए भी करते हैं. प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल गुण होने के कारण यह घर में छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याओं में भी फायदेमंद माना जाता है.

अगर आपकी दिनचर्या व्यस्त है या आप पौधों की ज्यादा देखभाल नहीं कर पाते, तब भी लेमनग्रास आपके लिए सबसे आसान विकल्प है. इसे एक बार लगा देने के बाद सिर्फ हल्की-फुल्की देखरेख की जरूरत पड़ती है. हर महीने थोड़ी-सी जैविक खाद डाल दें और पत्तियों की हल्की कटिंग करते रहें ताकि नई ग्रोथ निकलती रहे. इसके बाद आपको अलग से कोई खास मेहनत नहीं करनी पड़ती और आपका किचन गार्डन लगातार ताज़ा लेमनग्रास की पत्तियों से भरपूर बना रहता है. कम देखभाल, ज्यादा फायदे और सुंदर खुशबू—इन तीन कारणों के चलते लेमनग्रास आज हर घर के किचन गार्डन में लगाना बेहद फायदेमंद माना जाता है.





