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MK Stalin Vs Dharmendra Pradhan: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाषा का विवाद गहरा गया है. सीएम एमके स्टालिन ने केंद्र की ‘तीन भाषा नीति’ को हिंदी थोपने की साजिश करार देते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जवाब दिया है. स्टालिन ने कहा कि शिक्षा का बजट रोकने और हिंदी थोपने की जिद बर्दाश्त नहीं की जाएगी, जबकि प्रधान ने इसे ‘राजनीतिक विफलता’ छिपाने का बहाना बताया. क्या तमिलनाडु चुनाव में हिंदी को लेकर संग्राम छिड़ने वाला है?
हिंदी को लेकर तमिलनाडु में संग्राम क्यों?
चेन्नई/नई दिल्ली: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के मतदान में अब कुछ ही दिन शेष हैं. लेकिन ‘हिंदी भाषा’ का पुराना विवाद एक बार फिर राज्य की राजनीति के केंद्र में आ गया है. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर हुई तीखी नोकझोंक ने चुनावी माहौल को पूरी तरह गर्मा दिया है. मुख्यमंत्री स्टालिन ने केंद्र सरकार पर संघीय ढांचे का अपमान करने और तमिलनाडु पर जबरन तीन भाषा नीति थोपने का आरोप लगाया तो धर्मेंद्र प्रधान ने स्टालिन की पोल खोलकर कर रखी दी.
धर्मेंद्र प्रधान के एक पोस्ट का जवाब देते हुए सीएम स्टालिन ने लिखा, ‘आपकी टिप्पणियां बेहद गैर-जिम्मेदाराना और लापरवाह हैं. यह भारत की बहुलता, संघीय मूल्यों और राज्यों के प्रति सम्मान की कमी को दर्शाती हैं. तमिलनाडु तीन भाषा नीति को सिरे से खारिज करता है. यह किसी भाषा का विरोध नहीं है, बल्कि जबरन थोपी जा रही नीति के खिलाफ प्रतिरोध और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा है.’ स्टालिन ने आगे कहा कि केंद्र का यह दावा कि ‘कोई हिंदी थोपना नहीं है’, पूरी तरह से बेईमानी है.
On Union Education Minister Dharmendra Pradhan’s post on ‘X’, Tamil Nadu CM MK Stalin tweets, “Your remarks are deeply irresponsible and reckless, and reflect an entrenched disregard for India’s plurality, federal values, and respect for states. Tamil Nadu firmly rejects the… pic.twitter.com/MqkUd4mbLu





