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Udaipur Picnic Spot: बांसवाड़ा को जल्द ही एक बड़े टूरिस्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां माही नदी बैकवाटर्स से लेकर विभिन्न धार्मिक स्थलों को जोड़कर एक व्यापक पर्यटन सर्किट तैयार किया जाएगा. इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है. प्राकृतिक सुंदरता, पर्यटन और धार्मिक आस्था के संगम से यह सर्किट पर्यटकों को खास अनुभव देगा. इसके विकास से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और बांसवाड़ा राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी नई पहचान बना सकेगी.
इस पूरे प्लान का सबसे बड़ा आकर्षण माही नदी के बैकवाटर और यहां बने खूबसूरत टापू होंगे.इन टापुओं पर टैंट सिटी विकसित की जाएगी, जिससे पर्यटक प्रकृति के बीच रहकर एडवेंचर का अनुभव ले सकें. साथ ही बॉटनिकल गार्डन, साइकिलिंग ट्रेल और अन्य आउटडोर एक्टिविटीज भी शुरू की जाएंगी. गुजरात से नजदीकी होने के कारण यहां बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करने की रणनीति बनाई गई है.

राजस्थान के वागड़ अंचल की खूबसूरती अब देश-विदेश के पर्यटकों को और ज्यादा आकर्षित करने वाली है।बांसवाड़ा को पर्यटन के नक्शे पर मजबूती से स्थापित करने के लिए प्रशासन ने बड़ा प्लान तैयार किया है. इसके तहत बांसवाड़ा को डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर से जोड़ते हुए एक मजबूत टूरिज्म सर्किट विकसित किया जाएगा, जिसमें वॉटर एडवेंचर, धार्मिक पर्यटन और प्राकृतिक स्थलों को खास तौर पर शामिल किया जाएगा.

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वॉटर स्पोर्ट्स पर भी खास फोकस रहेगा. इसमें बोटिंग, चप्पू वाली नाव, पैरासेलिंग, बोट रेस और वाटर फेस्टिवल जैसी गतिविधियां शुरू करने की योजना है.इसके अलावा, शुरुआत में वागड़ क्षेत्र में ‘माही फेस्टिवल’ और ‘वागड़ फेस्टिवल’ जैसे छोटे-छोटे आयोजन कर लोगों को आकर्षित करने की तैयारी है.
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जगमेरू हिल्स को भी विशेष रूप से विकसित किया जाएगा.यहां करीब 2 करोड़ रुपए की लागत से ‘राम वाटिका’ बनाई जाएगी, जहां पर्यटक हरियाली और बादलों के बीच प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकेंगे.साथ ही बांस से बने मड हाउस और आकर्षक सेल्फी प्वाइंट भी तैयार किए जाएंगे, जिससे यह जगह युवाओं के बीच खासा लोकप्रिय बन सके.

माही बैकवाटर क्षेत्र और इसके आसपास पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी की अध्यक्षता में अहम बैठक हुई.इस बैठक में वागड़ क्षेत्र के पर्यटन मास्टर प्लान का खाका तैयार किया गया और सभी विभागों को तेजी से काम शुरू करने के निर्देश दिए गए.

इस योजना का एक अहम हिस्सा धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को जोड़ना भी है. इसके तहत अरथूना के प्राचीन मंदिर, मानगढ़ धाम, मां त्रिपुरा सुंदरी मंदिर, बेणेश्वर धाम, सवाई माता मंदिर, मंदारेश्वर मंदिर, साई बाबा मंदिर कल्पवृक्ष जैसे प्रमुख स्थलों को पर्यटन सर्किट में शामिल किया जाएगा. इसके अलावा सोनपुरा वॉटरफॉल, जगमेरू हिल्स और कागदी पिकअप जैसे प्राकृतिक स्थल भी पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बनेंगे.

पर्यटन विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों, खासकर जनजातीय समुदाय के रोजगार पर भी फोकस किया गया है.इसके लिए ट्राइबल होम स्टे, इको स्टे और कैंपिंग साइट्स विकसित करने की योजना है, जिससे स्थानीय लोगों को सीधे रोजगार मिल सके और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो.<br />बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने स्तर पर योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की. प्रशासन का मानना है कि यदि यह मास्टर प्लान जमीन पर उतरता है, तो बांसवाड़ा आने वाले समय में राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना सकता है.





