भरतपुर की बदहाल बावड़ी बनी टूरिस्ट स्पॉट! जिला परिषद के कायाकल्प से बदली सूरत, अब खींच रही पर्यटकों को अपनी ओर

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Bharatpur Ancient Stepwell: भरतपुर के हथौड़ी गांव में स्थित प्राचीन बावड़ी का कायाकल्प होने के बाद इसकी तस्वीर पूरी तरह बदल गई है. जो जगह कभी गंदगी और उपेक्षा का शिकार थी, वह अब साफ-सुथरी और आकर्षक बन गई है. जिला परिषद के प्रयासों से यह ऐतिहासिक धरोहर अब ग्रामीणों और पर्यटकों के लिए नया आकर्षण केंद्र बन रही है.

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भरतपुर : भरतपुर जिले के हथौड़ी गांव में स्थित प्राचीन बावड़ी का स्वरूप अब पूरी तरह बदल चुका है. लंबे समय से उपेक्षा और जर्जर स्थिति में पड़ी यह ऐतिहासिक धरोहर अब जिला परिषद के प्रयासों से नए रूप में सामने आई है. जहां पहले गंदगी, टूट-फूट और असुरक्षा का माहौल था वहीं अब यह स्थान साफ-सुथरा, सुरक्षित और आकर्षक नजर आ रहा है. जिला परिषद द्वारा चलाए गए कायाकल्प अभियान के तहत बावड़ी की व्यापक स्तर पर सफाई कराई गई वर्षों से जमा कचरा और गंदगी हटाकर इसके मूल स्वरूप को पुनर्जीवित किया गया.

इसके साथ ही बावड़ी की दीवारों और संरचना की मरम्मत कर डेंटिंग-पेंटिंग का कार्य भी कराया गया जिससे इसकी सुंदरता में काफी निखार आया है. सुरक्षा के लिहाज से बावड़ी के चारों ओर मजबूत रेलिंग लगाई गई है. ताकि यहां आने वाले लोगों को किसी प्रकार का खतरा न हो इसके अलावा स्थानीय लोगों और पर्यटकों के बैठने के लिए पत्थर की कुर्सियां भी बनाई गई हैं. जिससे यह स्थान अब केवल ऐतिहासिक धरोहर ही नहीं बल्कि एक सुकून भरा बैठने और समय बिताने का स्थल भी बन गया है.

गांव की बावड़ी बनी आकर्षण का केंद्र
गांव के नजदीक स्थित यह बावड़ी अब धीरे-धीरे लोगों के आकर्षण का केंद्र बनती जा रही है. स्थानीय निवासी यहां सुबह-शाम समय बिताने आने लगे हैं. वहीं बाहर से आने वाले लोग भी इस ऐतिहासिक स्थल को देखने के लिए पहुंच रहे हैं. इससे न केवल गांव की पहचान मजबूत हो रही है. बल्कि पर्यटन की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं. ग्रामीणों का कहना है. कि पहले यह बावड़ी उपेक्षा का शिकार थी और यहां कोई आना पसंद नहीं करता था.

कायाकल्प से चमकी ऐतिहासिक बावड़ी
अब इसके कायाकल्प के बाद माहौल पूरी तरह बदल गया है. लोगों में इस विरासत को लेकर गर्व की भावना भी देखने को मिल रही है. जिला परिषद का यह प्रयास न केवल एक ऐतिहासिक धरोहर को बचाने का उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सही योजना और पहल से पुराने स्थलों को फिर से जीवंत बनाया जा सकता है. आने वाले समय में यह बावड़ी क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी पहचान बना सकती है.

About the Author

Rupesh Kumar Jaiswal

A Delhi University graduate with a postgraduate Diploma in Journalism and Mass Communication, I work as a Content Editor with the Rajasthan team at News18 India Digital. I’m driven by the idea of turning raw in…और पढ़ें



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