भरतपुर में बांध का पानी बना आफत! खेत डूबे, फसल बही, किसानों की मेहनत पर फिरा पानी

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Bharatpur News : भरतपुर जिले में तेज आंधी-बारिश और बांध से छोड़े गए पानी ने हालात बिगाड़ दिए हैं. अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से खेत जलमग्न हो गए और तैयार फसल बह गई. बिना सूचना पानी छोड़े जाने से किसानों में नाराजगी है. हजारों हेक्टेयर जमीन प्रभावित हुई है और अब किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं.

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भरतपुर : भरतपुर जिले में मौसम की मार ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. तेज आंधी और भारी बारिश के बीच अचानक गंभीर नदी में पानी का स्तर बढ़ने से हालात बेकाबू हो गए हैं. पांचना बांध से छोड़े गए पानी के कारण नदी में एकाएक तेज बहाव आया जिससे आसपास के गांवों में खेत जलमग्न हो गए और फसल बह गई है. ग्रामीणों के अनुसार सुबह के समय बिना किसी पूर्व सूचना के नदी में पानी का प्रवाह तेजी से बढ़ गया देखते ही देखते खेतों में एक फीट से अधिक पानी भर गया और कई जगह तो पानी चादर की तरह बहता नजर आया.

इस अचानक आई आपदा ने किसानों को संभलने तक का मौका नहीं दिया और उनकी तैयार फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई स्थिति इतनी गंभीर है, कि हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है. किसानों का कहना है कि जिन फसलों को कटाई के लिए तैयार किया गया था वे पानी के साथ बह गईं इसके अलावा पशुओं के लिए रखा गया चारा भी भीगकर खराब हो गया जिससे अब पशुपालकों के सामने भी संकट खड़ा हो गया है.

बांध से पानी छोड़ा, गांवों में बाढ़ जैसे हालात
कई गांवों में नदी का बहाव इतना तेज हो गया कि हालात मानसून जैसे नजर आने लगे स्थानीय लोगों का कहना है, कि अगर समय रहते सूचना मिल जाती तो कुछ हद तक नुकसान कम किया जा सकता था अचानक पानी छोड़ने की वजह से ग्रामीणों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है. बयाना रूपवास क्षेत्र की विधायक रितु बनावत ने भी इस स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि तेज बारिश के साथ बांध से छोड़ा गया पानी किसानों के लिए मुसीबत बन गया है. उन्होंने प्रशासन से प्रभावित किसानों को राहत देने और मुआवजा दिलाने की मांग की है.

बयाना-रूपवास में पानी से फसल तबाह, मुआवजे की मांग
साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे नदी के पास जाने से बचें और सतर्क रहे फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है. लेकिन किसानों को हुए भारी नुकसान ने उनकी चिंता बढ़ा दी है. अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार और प्रशासन कब तक राहत पहुंचाते हैं. और प्रभावित किसानों को किस तरह सहारा दिया जाता है.

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Rupesh Kumar Jaiswal

A Delhi University graduate with a postgraduate Diploma in Journalism and Mass Communication, I work as a Content Editor with the Rajasthan team at News18 India Digital. I’m driven by the idea of turning raw in…और पढ़ें



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