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बीजेपी को केरल और पश्चिम बंगाल दोनों राज्यों में बहुत बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. पार्टी वहां के वोटर्स के बीच अपनी जगह बनाने के लिए तड़प रही है. मजीद मेमन ने कहा कि डराने और पैसा खर्च करने से भी बीजेपी को कोई वोट नहीं देगा. चुनाव आयोग के साथ कोआर्डिनेशन और एजेंसियों का इस्तेमाल भी पूरी तरह फेल होगा.
मजीद मेमन ने विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी पर हमला बोला. (फाइल फोटो)
मुंबई. वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व राज्यसभा सदस्य मजीद मेमन ने रविवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को केरल और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में महत्वपूर्ण राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी के प्रयासों के बावजूद इन क्षेत्रों में उसकी संभावनाएं सीमित हैं.
आईएएनएस से बात करते हुए मेमन ने दावा किया कि भाजपा दोनों राज्यों में मतदाताओं के बीच व्यापक स्वीकृति हासिल करने के लिए संघर्ष कर रही है, और आरोप लगाया कि आक्रामक प्रचार रणनीतियों से भी वांछित परिणाम नहीं मिल सकते हैं. उन्होंने कहा कि केरल और पश्चिम बंगाल दो ऐसे राज्य हैं जहां भारतीय जनता पार्टी को महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. वहां के लोग आसानी से उनके प्रभाव में नहीं आएंगे, चाहे वे डरा-धमकाएं, पैसा खर्च करें, एजेंसियों को तैनात करें या चुनाव आयोग के साथ समन्वय करें.
पश्चिम बंगाल का विशेष रूप से जिक्र करते हुए मेमन ने जोर देकर कहा कि वहां की जनता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का समर्थन करती है. उन्होंने आगे कहा कि इन सबके बावजूद, पश्चिम बंगाल की जनता ममता बनर्जी और टीएमसी के साथ पूरी तरह से जुड़ी हुई है. पश्चिम बंगाल सरकार ने भारतीय जनता पार्टी को नकार दिया है.
केरल से तुलना करते हुए मेमन ने कहा कि दक्षिण बंगाल में भाजपा की जमीनी पकड़ सीमित है. उन्होंने कहा कि केरल में भी ऐसी ही स्थिति है. वहां, जहां उनके पास सिर्फ एक विधायक है, वे सरकार बनाने का सपना देख रहे हैं. यह लगभग असंभव है. विपक्ष के फिल्म संबंधी रुख पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया टिप्पणियों पर टिप्पणी करते हुए मेमन ने कहा कि हालांकि पूर्ण प्रतिबंध उचित नहीं हैं, फिर भी कुछ विशेष विषयों पर आपत्ति उठाना राजनीतिक दलों का लोकतांत्रिक अधिकार है.
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा के लिए चुनावी सफलता उम्मीदवार चयन के बावजूद कठिन बनी रहेगी. उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए यह बहुत मुश्किल स्थिति है. वे किसी भी विधानसभा सीट के लिए चाहे जो भी उम्मीदवार उतारें, चाहे दिल्ली से किसी को लाएं या किसी सेलिब्रिटी को टिकट दें, चुनाव जीतना उनके लिए आसान नहीं है. परिणाम दिखाएंगे कि पश्चिम बंगाल की जनता भाजपा को स्वीकार नहीं करेगी.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



