गर्भावस्था के दौरान खानपान को लेकर खास सावधानी बरतने की जरूरत होती है. आमतौर पर पपीता एक पौष्टिक फल माना जाता है, जिसमें कई तरह के विटामिन पाए जाते हैं. लेकिन डॉक्टरों के अनुसार, प्रेगनेंसी के शुरुआती महीनों में इसका सेवन नुकसानदायक हो सकता है. सदर अस्पताल मधुबनी के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमन कुमार का कहना है कि गर्भावस्था के पहले 3 से 4 महीनों में पपीता, चाहे कच्चा हो या पका, नहीं खाना चाहिए. इस दौरान पपीता गर्भाशय पर असर डाल सकता है, जिससे गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है. डॉक्टरों का सुझाव है कि गर्भावस्था में महिलाओं को गुड़, मूंगफली, हरी सब्जियां जैसे मेथी और पालक, ताजे फल और पानी से भरपूर चीजों का सेवन करना चाहिए. इससे मां और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है.





