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Investment in Bihar : कभी पलायन के लिए बदनाम बिहार राज्य की तस्वीर अब बदल रही है. प्रदेश के उद्योग मंत्री ने दावा किया है कि अगले 5 साल में यहां 50 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा का निवेश आएगा और 1 करोड़ से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा होंगे. इसके लिए सरकार ने भी मुफ्त जमीन सहित कई सुविधाएं देने का वादा किया है.
बिहार सरकार ने उद्योगों को मुफ्त जमीन की पेशकश की है.
नई दिल्ली. पलायन और बेरोजगारी के लिए बदनाम पूर्वी राज्य बिहार का समय अब बदलने वाला है. राज्य के उद्योग मंत्री ने दावा किया है कि आने वाले 5 साल में यहां 50 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा का निवेश होगा. साथ ही इस दौरान प्रदेश में 1 करोड़ से भी ज्यादा रोजगार भी पैदा होंगे. मंत्री का कहना है कि प्रदेश में कारोबारी माहौल तेजी से विकसित हो रहा है और इसका फायदा आने वाले समय में राज्य के लोगों को मिलेगा. उद्योगों के विकसित होने पर यहां से पलायन रोकने में भी मदद मिलेगी.
बिहार के उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा है कि राज्य का औद्योगिक विकास तेजी से आगे बढ़ रहा है और सरकार अगले पांच साल में 50 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित कर एक करोड़ रोजगार सृजित करने के लक्ष्य पर काम कर रही है. उन्होंने वित्तवर्ष 2025-26 की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य में उद्योग-अनुकूल माहौल बनाया गया है, जिससे बिहार पूर्वी भारत के उभरते विकास केंद्र के रूप में आगे बढ़ रहा है.
7 निश्चय से आगे बढ़ेगा बिहार
मंत्री ने बताया कि ‘सात निश्चय–3 (2025–2030)’ के तहत ‘समृद्ध उद्योग–सशक्त बिहार’ को प्राथमिकता देते हुए कई नई नीतियां लागू की गई हैं. सरकार ने तीन उच्च स्तरीय शीर्ष समितियों का गठन किया है और सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) निदेशालय और बिहार राज्य विपणन प्राधिकरण (बीएसएमए) की स्थापना को मंजूरी दी है. इसका मकसद प्रदेश में रोजगार पैदा करने के साथ उद्योग धंधे लगाने और पलायन को रोकना है.
मुफ्त दी जाएगी जमीन
राज्य के उद्योग मंत्री ने कहा कि बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (बीआईआईपीपी) 2025 लागू किया गया है, जिसके तहत निवेशकों को निःशुल्क औद्योगिक भूमि, पूंजी अनुदान, ब्याज अनुदान, राज्य माल एवं सेवा कर (एसजीएसटी) रिफंड और निर्यात आधारित प्रोत्साहन जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं. साथ ही बिहार सेमीकंडक्टर नीति 2026 को भी मंजूरी मिली है, जिसका उद्देश्य राज्य को पूर्वी भारत का प्रौद्योगिकी केंद्र बनाना है. इस पहल से उद्योगों को भी यहां अपना उत्पादन केंद्र स्थापित करने में आसानी होगी.
कई कंपनियों ने दिया प्रस्ताव
मंत्री के अनुसार, वित्तवर्ष 2025-26 में राज्य को 747 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें 17,217 करोड़ रुपये से अधिक निवेश का प्रस्ताव शामिल है. बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) के माध्यम से 317 निवेशकों को 404 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जिससे 5,500 करोड़ रुपये का निवेश आने और 22,500 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है. इनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, जेके लक्ष्मी सीमेंट, मदर डेयरी, अल्ट्राटेक और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियां शामिल हैं.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें





