इस साल अब तक मौसम बड़ा ही मेहरबान बना हुआ है. मार्च के बाद अप्रैल का महीना भी लगातार कूल-कूल बना हुआ है. लोगों को चिलचिलाती गर्मी और लू से अब तक राहत मिली हुई है. एक दो की गर्मी के बाद इंद्रदेव फिर से मेहरबान हो जाते हैं और तापमान फिर से नीचे चल जाता है. इस बीच मौसम विभाग ने बताया है कि देशभर में 7 अप्रैल को भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के ताज़ा पूर्वानुमान के मुताबिक देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ कई मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं, जिनकी वजह से कहीं भारी बारिश, कहीं आंधी-तूफान, तो कहीं ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है. खासतौर पर पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance), चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और ट्रफ लाइनों के सक्रिय रहने से उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक मौसम अस्थिर बना हुआ है.
आईएमडी ने अपने ताजा अपडेट में बताया कि आज पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत में हल्की से मध्यम बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि की संभावना है, जबकि पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मध्य और दक्षिण भारत में भी गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश और तेज हवाओं की संभावना है. IMD ने बताया कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ 11 अप्रैल से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा. आज पूरे देश में 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, कहीं-कहीं 60-70 किमी प्रति घंटे तक तेज आंधी की चेतावनी भी जारी की गई है.
दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली और NCR में आज 7 अप्रैल को गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. IMD के दिल्ली बुलेटिन के अनुसार, अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री की गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और सुहावना रहेगा. न्यूनतम तापमान 16-18 डिग्री के आसपास रहने की उम्मीद है. यहां बारिश के साथ 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं, जिससे दिल्लीवासियों को हल्की ठंडक महसूस होगी. वायु गुणवत्ता में सुधार होने की संभावना है. अगले तीन दिनों तक तापमान सामान्य से काफी नीचे रहेगा, जिसके बाद धीरे-धीरे बढ़ोतरी शुरू होगी.
दिल्ली-NCR में आज दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की भी संभावना है. IMD ने चेतावनी दी है कि 7 और 8 अप्रैल को तापमान में 2-4 डिग्री की गिरावट रहेगी, जिससे मौसम ठंडा रहेगा. हल्की बारिश के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं. यातायात और बाहरी गतिविधियों पर हल्का असर पड़ सकता है. कुल मिलाकर आज दिल्ली में मौसम अस्थिर लेकिन सुहावना रहने वाला है.
यूपी-उत्तराखंड का गरज-चमक के साथ बारिश
उत्तर प्रदेश में आज हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी हिस्सों में छिटपुट बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हो सकती है. IMD के अनुसार 7 और 8 अप्रैल को राज्य के कई जिलों में 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चलेंगी. 7 से 9 अप्रैल तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधि ज्यादा रहेगी.
वहीं उत्तराखंड में भी आज हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है. IMD ने 7 से 10 अप्रैल तक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान जताया है. पर्वतीय क्षेत्रों में 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी है. निचले इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होगी. पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से सड़कें प्रभावित हो सकती हैं.
बिहार में आंधी, झारखंड में झमाझम
बिहार में आज गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और 40-60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं की संभावना है. IMD ने 6 और 8 अप्रैल को बिहार में थंडरस्क्वॉल (50-60 किमी/घंटा, झोंक के साथ 70 किमी/घंटा तक आंधी) की चेतावनी जारी की है. कई जिलों में ओलावृष्टि भी हो सकती है.
झारखंड में 7 और 8 अप्रैल को हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और 30-60 किमी प्रति घंटे की हवाएं चलेंगी. 7-8 अप्रैल को झारखंड में थंडरस्क्वॉल की संभावना है. दोनों राज्यों में किसानों को फसल कटाई के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है क्योंकि तेज हवाओं और ओलावृष्टि से नुकसान हो सकता है. कुल मिलाकर आज बिहार-झारखंड में मौसम अस्थिर और बारिश वाला रहेगा.
पूर्वोत्तर भारत में अगले 5 दिन तक बारिश
पूर्वोत्तर भारत में अगले 5 दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की गतिविधि रहेगी. अरुणाचल प्रदेश में 6, 7, 9 और 12 अप्रैल को भारी बारिश की संभावना है. असम-मेघालय में 8 और 12 अप्रैल तथा नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 9 अप्रैल को भारी बारिश हो सकती है.
देश के अन्य हिस्सों का हाल
ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 7 अप्रैल को ओलावृष्टि की संभावना है. मध्य भारत में अगले 3-4 दिनों तक छिटपुट बारिश रहेगी.
गुजरात में 7 अप्रैल को हल्की बारिश और गरज-चमक संभव है. तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में 6 से 9 अप्रैल तक हल्की-मध्यम बारिश के साथ 30-50 किमी प्रति घंटे की हवाएं चलेंगी. तमिलनाडु के घाट क्षेत्रों, केरल और आंध्र तट पर 6 अप्रैल को भारी बारिश की संभावना है.
11 से फिर नया पश्चिम विक्षोभ
IMD के अनुसार 11 अप्रैल से उत्तर-पश्चिम भारत पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड और पंजाब-हरियाणा में फिर से अच्छी बारिश-बर्फबारी हो सकती है.
किसानों, यात्रियों और आम नागरिकों को IMD की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है. आज का मौसम उत्तर और पूर्वोत्तर भारत में काफी सक्रिय रहने वाला है.
मौसम विभाग के पूर्वानुमान की खास बातें…
7 अप्रैल को देशभर में मौसम का कुल मिलाकर कैसा रहने वाला है?
देश के कई हिस्सों में मौसम बदला हुआ रहेगा. खासकर उत्तर भारत, पूर्वोत्तर भारत और मध्य भारत में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की गतिविधियां देखने को मिलेंगी. कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी संभव है.
किन इलाकों में भारी बारिश की संभावना है?
7 अप्रैल को अरुणाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र में कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है. इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश जारी रह सकती है.
क्या कहीं ओलावृष्टि की चेतावनी है?
हां, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में अलग-अलग जगहों पर ओलावृष्टि हो सकती है. इससे फसलों को नुकसान का खतरा भी बना हुआ है.
किन राज्यों में आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलेंगी?
झारखंड, ओडिशा और राजस्थान में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, मेघालय, पंजाब और उत्तर भारत के कई हिस्सों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है.
बिजली गिरने का खतरा कहां ज्यादा है?
देश के लगभग सभी हिस्सों में जहां-जहां गरज के साथ बारिश होगी, वहां बिजली गिरने का खतरा भी रहेगा. खासकर बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, असम, मेघालय और पूर्वोत्तर राज्यों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
मौसम में इस बदलाव की मुख्य वजह क्या है?
इसका मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance), विभिन्न चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और ट्रफ लाइन का सक्रिय होना है. ये सिस्टम देश के अलग-अलग हिस्सों में नमी और अस्थिरता बढ़ा रहे हैं, जिससे बारिश और तूफानी गतिविधियां हो रही हैं.
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
आंधी-तूफान और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों से बचें, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों. किसानों को ओलावृष्टि से फसलों को बचाने के उपाय करने चाहिए. यात्रा के दौरान मौसम की जानकारी जरूर लेते रहें.





