भीषण गर्मी में राहत का रामबाण! दक्षिण भारत के 5 पारंपरिक व्यंजन, जो स्वाद और सेहत का है दमदार संगम

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लू से बचने का सीक्रेट! साउथ इंडिया के ये 5 सुपरफूड्स, शरीर को रखें कूल और फिट

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South Indian Summer Foods: दक्षिण भारतीय खानपान में ऐसे कई सुपरफूड्स शामिल हैं, जो गर्मियों के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. कर्ड राइस पाचन को दुरुस्त करता है, नीर मोर शरीर को तुरंत ठंडक देता है और नुंगु प्राकृतिक कूलिंग का काम करता है. रागी कूझ पोषण से भरपूर है, जबकि जिगरठंडा गर्मी से राहत देने वाला लोकप्रिय पेय है. ये सभी फूड्स शरीर के तापमान को नियंत्रित रखते हैं और ऊर्जा बनाए रखते हैं. गर्मी के मौसम में इनका सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है.

दक्षिण भारत की गर्मी अपनी प्रचंडता के लिए जानी जाती है, जहां पारा अक्सर रिकॉर्ड तोड़ देता है. लेकिन इस तपिश के बीच भी यहां की जीवनशैली और खान-पान इसे मात देने का हुनर रखते हैं. यहां का पारंपरिक भोजन केवल स्वाद के लिए नहीं, बल्कि शरीर के विज्ञान को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है. खासतौर पर गर्मियों में ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन किया जाता है, जो शरीर को ठंडक देने के साथ ऊर्जा भी बनाए रखते हैं. आज हम आपको दक्षिण भारत के 5 प्रसिद्ध समर सुपरफूड्स के बारे में बता रहे हैं, जो इस मौसम में बेहद फायदेमंद माने जाते हैं.

कर्ड राइस दक्षिण भारतीय थाली का समापन अक्सर तयिर सादम यानी कर्ड राइस से होता है। उबले हुए नरम चावल और ताजे दही का यह मेल पेट के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। दही में मौजूद गुड बैक्टीरिया आंतों के स्वास्थ्य को बनाए रखते हैं जबकि चावल शरीर को ऊर्जा देता है। इसमें अदरक, कढ़ी पत्ता और अनार के दानों का तड़का इसे न केवल स्वादिष्ट बनाता है बल्कि लू से लड़ने की क्षमता भी देता है।

कर्ड राइस दक्षिण भारतीय थाली का अहम हिस्सा है, जिसे आमतौर पर भोजन के अंत में खाया जाता है. इसे तमिल में ‘तयिर सादम’ कहा जाता है. उबले हुए नरम चावल और ताजे दही का यह संयोजन पेट के लिए बेहद फायदेमंद होता है. दही में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं, जबकि चावल शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है. इसमें अदरक, कढ़ी पत्ता और अनार के दानों का तड़का लगाया जाता है, जो इसके स्वाद को बढ़ाने के साथ शरीर को ठंडक भी देता है. गर्मियों में यह लू से बचाने में भी मददगार माना जाता है.

नीर मोर गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए नीर मोर या मसाला छाछ सबसे बेहतर विकल्प है। इसे पानी, दही, पिसा हुआ अदरक, हींग और बारीक कटी हरी मिर्च से तैयार किया जाता है। यह ड्रिंक शरीर के इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस को बनाए रखता है। दोपहर की चिलचिलाती धूप में एक गिलास नीर मोर शरीर को तुरंत पुनर्जीवित करने की शक्ति रखता है।

नीर मोर, जिसे मसाला छाछ भी कहा जाता है, गर्मियों में डिहाइड्रेशन से बचाने वाला बेहतरीन पेय है. यह दक्षिण भारत में बेहद लोकप्रिय है और शरीर को तुरंत ठंडक पहुंचाता है. इसे दही, पानी, पिसा हुआ अदरक, हींग और बारीक कटी हरी मिर्च मिलाकर तैयार किया जाता है. यह पेय शरीर के इलेक्ट्रोलाइट संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है और पाचन को भी बेहतर बनाता है. तेज गर्मी और धूप में एक गिलास नीर मोर शरीर को तरोताजा कर देता है और थकान दूर करने में कारगर साबित होता है.

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नुंगु ताड़ के पेड़ पर लगने वाला यह फल आइस एप्पल के नाम से भी मशहूर है। पारदर्शी और जेली जैसा यह फल पोटेशियम और विटामिन से भरपूर होता है। यह न केवल शरीर की गर्मी को सोख लेता है बल्कि गर्मियों में होने वाली त्वचा की समस्याओं और घमौरियों से भी राहत दिलाता है। इसका सेवन प्राकृतिक रूप से शरीर को भीतर से एसी जैसी ठंडक प्रदान करता है।

नुंगु, जिसे आइस एप्पल के नाम से भी जाना जाता है, ताड़ के पेड़ पर लगने वाला एक बेहद फायदेमंद फल है. यह पारदर्शी और जेली जैसा दिखता है, जो गर्मियों में खास तौर पर लोकप्रिय होता है. इसमें पोटेशियम, विटामिन और पानी की मात्रा भरपूर होती है, जो शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करती है. नुंगु शरीर की गर्मी को कम करता है और त्वचा से जुड़ी समस्याओं जैसे घमौरियों से राहत दिलाता है. इसका नियमित सेवन शरीर को अंदर से ठंडक देता है और तेज गर्मी में प्राकृतिक कूलिंग का काम करता है.

रागी कूझ रागी या मडुआ से बना कूझ एक प्राचीन और बेहद पौष्टिक व्यंजन है। इसे रात भर फर्मेंट खमीर उठाना किया जाता है जिससे इसकी तासीर और भी ठंडी हो जाती है। फाइबर और कैल्शियम से भरपूर यह ड्रिंक सुबह के नाश्ते के रूप में लोकप्रिय है जो दिनभर आपको हाइड्रेटेड और ऊर्जावान रखता है।

रागी कूझ, जिसे मडुआ से तैयार किया जाता है, एक प्राचीन और बेहद पौष्टिक पेय है. इसे रातभर फर्मेंट कर खमीर उठाया जाता है, जिससे इसकी तासीर और भी ठंडी हो जाती है. यह ड्रिंक फाइबर, कैल्शियम और जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो शरीर को मजबूत बनाने में मदद करता है. दक्षिण भारत में इसे खासतौर पर नाश्ते में लिया जाता है. गर्मियों में यह शरीर को हाइड्रेटेड रखता है और दिनभर ऊर्जा बनाए रखने में सहायक होता है. नियमित सेवन से पाचन तंत्र भी बेहतर रहता है.

जिगरठंडा मदुरै से निकला यह पेय अब पूरे दक्षिण भारत की पसंद है। बादाम की गोंद, दूध, और जड़ी-बूटियों के अर्क से बना यह गाढ़ा शेक स्वाद में लाजवाब और तासीर में ठंडा होता है। यह गर्मी के कारण होने वाली जलन और थकान को पल भर में दूर कर देता है।

जिगरठंडा, मदुरै से लोकप्रिय हुआ एक खास पेय है, जो आज पूरे दक्षिण भारत में पसंद किया जाता है. यह ठंडा और गाढ़ा शेक बादाम की गोंद, दूध, चीनी और खास जड़ी-बूटियों के अर्क से तैयार किया जाता है. स्वाद में लाजवाब होने के साथ यह शरीर को अंदर से ठंडक पहुंचाता है. गर्मियों में यह पेय शरीर की जलन, थकान और गर्मी के असर को कम करने में मदद करता है. एक गिलास जिगरठंडा तुरंत ताजगी देता है और शरीर को तरोताजा बनाए रखता है, इसलिए यह समर ड्रिंक के रूप में बेहद लोकप्रिय है.



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