चेन्नई: पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में हो रहे विधानसभा चुनावों में हजारों प्रत्याशी भाग्य आजमा रहे हैं, लेकिन इन सबो में दो कैंडिडेट का नाम सबका ध्यान खींच रहा है. छठी पास लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन के बेटे, पत्नी और दामाद तमिलनाडु और पुडुचेरी की अलग-अलग सीटों से चुनाव मैदान में हैं. इन तीनों प्रत्याशियों के चर्चा की असली वजह इनकी संपत्ति है. खासकर सैंटियागो मार्टिन की पत्नी लीमा रोज ने जितनी अपनी संपत्ति का ब्योरा दिया है वह चौंकाने वाला है.
लॉटरी किंग की पत्नी के पास 6 हजार करोड़ की संपत्ति
सैंटियागो मार्टिन की पत्नी लीमा रोज अन्नाद्रमुक (AIADMK) की प्रत्याशी हैं. 59 वर्षीय लीमा रोज को अन्नाद्रमुक ने तिरुचिरापल्ली जिले की लालगुडी विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया है. लीमा रोज ने हाल ही में अन्नाद्रमुक (AIADMK) का दामन थामा है. इससे पहले लीमा रोज ‘इंडिया जननायक काची’ से जुड़ी हुई थीं, लेकिन चुनाव से ठीक पहले उन्होंने पार्टी बदलते हुए अन्नाद्रमुक में शामिल होने का फैसला लिया. पार्टी ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें महिला शाखा की संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी भी सौंपी है. सैंटियागो की पत्नी लीमा ने अपने चुनावी हलफनामे में 5863.7 करोड़ की संपत्ति का ब्योरा दिया है. जो इस प्रकार हैं-:
चल संपत्ति
- लीमा रोज: 139.62 करोड़ रुपये
- पति सैंटियागो मार्टिन: 3,262.01 करोड़ रुपये
- बेटा जोस चार्ल्स मार्टिन: 225.56 करोड़ रुपये
अचल संपत्ति
- लीमा रोज: 909.94 करोड़ रुपये
- पति सैंटियागो मार्टिन: 887.36 करोड़ रुपये
- बेटा जोस चार्ल्स मार्टिन: 439.21 करोड़ रुपये
पुडुचेरी चुनाव में सबसे अमीर प्रत्याशी जोस चार्ल्स मार्टिन
पुडुचेरी की राजनीति में इस बार एक ऐसा नाम सुर्खियों में है, जिसकी संपत्ति के आंकड़े खुद में एक बड़ी कहानी बयां करते हैं. कामराज नगर सीट से AINRC-भाजपा गठबंधन के उम्मीदवार और लच्चिया जननायगा काची (LJK) के संस्थापक जोस चार्ल्स मार्टिन ने अपने नामांकन में 609 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है.
यह आंकड़ा सिर्फ बड़ा ही नहीं, बल्कि पुडुचेरी की आर्थिक स्थिति के मुकाबले बेहद असाधारण है. केंद्र शासित प्रदेश की कुल अर्थव्यवस्था जहां करीब 48-49 हजार करोड़ रुपये की है, वहीं एक उम्मीदवार की संपत्ति ही इसका 1 प्रतिशत से ज्यादा बैठती है. अगर इसे वार्षिक बजट से जोड़कर देखें, तो यह करीब 12,700 करोड़ रुपये के बजट का लगभग 5 प्रतिशत है.
मार्टिन की संपत्ति का पैमाना और भी चौंकाता है. यह पुडुचेरी के कृषि बजट से करीब तीन गुना ज्यादा है और स्वास्थ्य या शिक्षा जैसे अहम क्षेत्रों के सालाना खर्च का लगभग 60 प्रतिशत कवर कर सकती है. 210 करोड़ रुपये की देनदारियों के बावजूद उनकी कुल संपत्ति सैकड़ों करोड़ में बनी हुई है, जो कई सरकारी योजनाओं के बजट के बराबर बैठती है.
हालांकि जोस चार्ल्स मार्टिन चुनावी राजनीति में नया चेहरा हैं, लेकिन उनका परिवार लंबे समय से सत्ता और सिस्टम के प्रभावशाली दायरे में रहा है. वह मशहूर लॉटरी कारोबारी सैंटियागो मार्टिन के बेटे हैं, जिनका राजनीतिक असर सीधे चुनाव लड़ने से ज्यादा फंडिंग के जरिए दिखा है.
चुनावी बॉन्ड में आया था चुनावी बॉन्ड की कंपनी का नाम
- तृणमूल कांग्रेस : करीब 540 करोड़
- डीएमके : लगभग 500 करोड़
- वाईएसआर कांग्रेस : 150 करोड़ से ज्यादा
- भाजपा : करीब 100 करोड़
- कांग्रेस : लगभग 50 करोड़ रुपये
इसके अलावा भी कई क्षेत्रीय दलों को योगदान दिया गया.
अब यही परिवार एक नए चरण में प्रवेश करता दिख रहा है, जहां फंडिंग से आगे बढ़कर सीधे चुनावी मैदान में उतरने की रणनीति अपनाई गई है. जोस चार्ल्स मार्टिन पुडुचेरी से चुनाव लड़ रहे हैं, तो उनकी पत्नी लीमा रोज मार्टिन तमिलनाडु के लालगुडी से एआईएडीएमके के टिकट पर मैदान में हैं. वहीं दामाद आधव अर्जुन, जो पहले डीएमके से जुड़े रहे, अब अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) के प्रमुख रणनीतिकार हैं और चेन्नई के विल्लीवाक्कम से चुनाव लड़ रहे हैं.
यहां फैला है सैंटियागो मार्टिन का साम्राज्य
सैंटियागो मार्टिन का कारोबारी साम्राज्य भी कम दिलचस्प नहीं है. लॉटरी बिजनेस से शुरू हुआ यह नेटवर्क अब रियल एस्टेट, निर्माण, आतिथ्य, टेक्सटाइल, मीडिया, शिक्षा और ऊर्जा जैसे कई क्षेत्रों में फैला हुआ है. इसकी मुख्य कंपनी ‘फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज’ देश की सबसे बड़ी लॉटरी ऑपरेटर्स में गिनी जाती है, जिसने 2022-23 में 23,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार दर्ज किया.
हालांकि इस कारोबारी सफलता के साथ विवाद भी जुड़े हैं. सैंटियागो मार्टिन पर मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी के आरोपों को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच जारी है. जांच का केंद्र 2014 का वह मामला है, जिसमें केरल में सिक्किम लॉटरी की कथित फर्जी बिक्री से सिक्किम सरकार को करीब 910 करोड़ रुपये का नुकसान होने का आरोप है.
2025 की शुरुआत तक ईडी इस मामले में 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियां जिसमें बैंक खाते, एफडी और अन्य संपत्तियां शामिल हैं जब्त या अटैच कर चुकी है.





