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विदेश सचिव विक्रम मिस्री 8 से 10 अप्रैल तक वॉशिंगटन डीसी के दौरे पर जा रहे हैं. इस यात्रा में भारत-अमेरिका के बीच व्यापार और रक्षा संबंधों की समीक्षा के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते पर चर्चा होगी. साथ ही वेस्ट एशिया में बढ़ते संकट और अन्य वैश्विक मुद्दों पर भी दोनों देशों के बीच अहम बातचीत होने की संभावना है.
विदेश मंत्री एस जयशंकर की अमेरिका से वापसी के बाद उनके दूत बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए वाशिंगटन डीसी जा रहे हैं. (एआई इमेज)
India-US Bilateral Agreement: ऑपरेशन सिंदूर में मिले जख्मों को छिपाने के लिए पाकिस्तान ने दुनिया के सामने हर कदम पर लगातार झूठ बोला था. वहीं, पाकिस्तान के इस झूठ को दुनिया के सामने रखकर उसके जख्मों पर नमक रगड़ने वाले ये भारतीय राजनयिक इस्लामाबाद को नया झटका देने को तैयार है. जी हां, ये भारतीय राजनयिक जल्द ही विदेश मंत्री एस जयशंकर के विदेश दूत बनकर अमेरिका जाने वाले हैं. अमेरिका यात्रा के दौरान इनकी मुलाकात राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन से जुड़े आला अधिकारियों से होगी, जो भारत और अमेरिका के बीच नए रिश्तों की बुनियाद को मजबूत करेंगे.
दरअसल, यहां पर बात विदेश सविच विक्रम मिस्री की हो रही है. वे बुधवार को वाशिंगटन डीसी की तीन दिनों की यात्रा पर रवाना होने वाले हैं. इस यात्रा का मसकद दोनों देशों के बीच व्यापार और रक्षा समझौतों की समीक्षा करना है. इसके साथ ही, इस यात्रा में पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट पर भी बातचीत होगी. विदेश मंत्रालय के अनुसार, विक्रम मिस्री की 8 से 10 अप्रैल के बीच वाशिंगटन डीसी में रहेंगे. इस यात्रा से भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा के साथ अहम क्षेत्रों में चल रहे सहयोग पर भी बातचीत की जाएगी.
क्या हैं विदेश सचिव विक्रम मिस्री की अमेरिका यात्रा के मायने?
- भारत और अमेरिका के बीच यह यात्रा ऐसे समय पर हो रही है, जब दोनों देश हाल के तनाव और अनिश्चितता के बाद अपने रिश्तों को फिर से बेहतर करने की कोशिश कर रहे हैं.
- पिछले साल मई में अमेरिका द्वारा भारत पर कुछ टैरिफ लगाए गए थे, जिससे दोनों देशों के संबंधों में थोड़ी खटास आई थी.
- इसके अलावा, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव को कम करने में अपनी भूमिका को लेकर भी कई बार विवादित बयान दिए थे.
- ऐसे हालात में विदेश सचिव विक्रम मिस्री की अमेरिका यात्रा को अहम माना जा रहा है. इस यात्रा के दौरान दोनों देश प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर चर्चा कर सकते हैं.
- एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस यात्रा से भारत-अमेरिका संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा का मौका मिलेगा. साथ ही, जिन क्षेत्रों में दोनों देश पहले से मिलकर काम कर रहे हैं, उन्हें मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा.
क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी हो सकती है बातचीत
विदेश मंत्रालय के अनुसार, विदेश सचिव अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत करेंगे. इनमें व्यापार, रक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्र शामिल हैं. इसके अलावा, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर के मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है, जो दोनों देशों के साझा हितों से जुड़े हैं. यह यात्रा फरवरी में विदेश मंत्री एस जयशंकर की वॉशिंगटन डीसी यात्रा के बाद हो रही है. इसे दोनों देशों के बीच लगातार हो रहे उच्च-स्तरीय बातचीत की कड़ी का हम हिस्सा माना जा रहा है.
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Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें



