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Udaipur Hindi News: उदयपुर की हवाई कनेक्टिविटी को जल्द ही नई दिशा मिलने की उम्मीद है. केंद्र सरकार की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (UDAN) में प्रस्तावित बदलावों के बाद बंद पड़े कई हवाई रूट्स के दोबारा शुरू होने की संभावना बढ़ गई है. इससे न केवल स्थानीय यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि पर्यटन उद्योग को भी बड़ा फायदा होगा. उदयपुर, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए जाना जाता है, वहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो सकता है. लंबे समय से बंद पड़ी फ्लाइट सेवाओं के चालू होने से व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी.
उदयपुर से फिर उड़ान भरेंगी फ्लाइट्स! सरकार के नए फैसले से बंद पड़े रूट्स चालू
उदयपुर: झीलों की नगरी उदयपुर की हवाई कनेक्टिविटी को लेकर एक बार फिर उम्मीद जगी है. केंद्र सरकार की संशोधित उड़ान (UDAN) योजना में बड़ा बदलाव करते हुए वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) की अवधि 3 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दी गई है. इस फैसले से एयरलाइंस कंपनियों को आर्थिक जोखिम कम होगा और शहर से बंद हो चुके कई महत्वपूर्ण रूट्स पर उड़ानें दोबारा शुरू होने की संभावना मजबूत हो गई है.
दरअसल, उदयपुर से इंदौर, भोपाल, अहमदाबाद और पुणे जैसे प्रमुख शहरों के लिए सीधी फ्लाइट्स पिछले कुछ समय से बंद हैं9 इनमें इंदौर रूट 29 मार्च 2026 से बंद हुआ, जबकि भोपाल और अहमदाबाद की उड़ानें पिछले शेड्यूल से ही बंद चल रही हैं. वहीं पुणे के लिए तो साल 2020 से ही सीधी फ्लाइट सेवा शुरू नहीं हो पाई है.
इन रूट्स की मजबूत मांग को दर्शाता
विशेषज्ञों का मानना है कि उड़ान योजना में 5 साल तक मिलने वाली सब्सिडी एयरलाइंस कंपनियों के लिए राहत भरी साबित होगी. इससे कंपनियां नए और पुराने रूट्स पर दोबारा सेवाएं शुरू करने के लिए प्रोत्साहित होंगी.खास बात यह है कि जिन रूट्स पर फ्लाइट्स बंद हुईं, वहां पहले से ही करीब 80 फीसदी तक सीटें भरी जा रही थीं, जो इन रूट्स की मजबूत मांग को दर्शाता है.
सीधी फ्लाइट की कमी लंबे समय से खल रही
उदयपुर पर्यटन और मार्बल उद्योग का बड़ा केंद्र है, ऐसे में हवाई कनेक्टिविटी का मजबूत होना बेहद जरूरी माना जा रहा है9 इंदौर और अहमदाबाद जैसे शहर व्यापार के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं, जबकि भोपाल से प्रशासनिक और शैक्षणिक जुड़ाव रहता है.वहीं पुणे में बड़ी संख्या में मेवाड़ के छात्र और आईटी प्रोफेशनल्स रहते हैं, जिन्हें सीधी फ्लाइट की कमी लंबे समय से खल रही है.
रूट्स की डिमांड केंद्र सरकार को भेजती
एविएशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि इन रूट्स पर बड़े विमान और किफायती किराया मॉडल लागू किया जाता है तो पैसेंजर लोड और बढ़ सकता है. अब जब सरकार 5 साल तक घाटे की भरपाई करेगी, तो एयरलाइंस कंपनियों पर वित्तीय दबाव भी कम रहेगा. इधर, उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी लगातार इन फ्लाइट्स को बहाल करने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि यदि राज्य सरकार “चैलेंज मोड” के तहत इन रूट्स की डिमांड केंद्र सरकार को भेजती है, तो इन्हें प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जा सकता है.
फिलहाल उदयपुर से मुंबई के लिए 6, दिल्ली के लिए 4, जयपुर के लिए 2 और बेंगलुरु व हैदराबाद के लिए 1-1 फ्लाइट का संचालन हो रहा है. लेकिन हाई-डिमांड रूट्स के बंद होने से यात्रियों को सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ रहे. अब संशोधित उड़ान योजना के तहत उदयपुर को कितनी जल्दी फिर से उसकी पुरानी हवाई रफ्तार मिलती है.
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