yogi adityanath : west bengal chunav 2026 | बंगाल चुनाव से क्यों दूर हैं ‘बुलडोजर बाबा’, किस सीक्रेट रणनीति के तहत BJP अभी तक रख रखा है छुपा कर?

Date:


होमताजा खबरwest bengalKolkata

बंगाल चुनाव से क्यों दूर हैं ‘बुलडोजर बाबा’, क्या है बीजेपी की सीक्रेट रणनीति?

Last Updated:

Yogi Adityanath West Bengal Rally News: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है, ‘बुलडोजर बाबा’ रण में कब उतरेंगे? जहां पीएम मोदी और अमित शाह मोर्चेबंदी कर रहे हैं, वहीं भाजपा ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को किस रणनीति के तहत अभी तक मैदान में नहीं उतारा है? 2021 के चुनाव में 30 से अधिक रैलियां करने वाले योगी की इस बार की रणनीति और उनके संभावित दौरों पर एक खास रिपोर्ट.

Zoom

CM योगी आदित्यनाथ कब उतरेंगे बंगाल के रण में?

कोलकाता.पश्चिम बंगाल के चुनावी समर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हुंकार और अमित शाह के चक्रव्यूह के बीच अब जनता को इंतजार है ‘बुलडोजर बाबा’ का. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जो भाजपा के सबसे बड़े फायरब्रांड नेताओं में शुमार हैं, अभी तक बंगाल के मैदान में नजर नहीं आए हैं. जहां टीएमसी और विपक्ष इसे भाजपा की कमजोरी बता रहा है, वहीं सूत्रों का कहना है कि यह भाजपा की एक सोची-समझी ‘सीक्रेट रणनीति’ का हिस्सा है. 2021 के विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ भाजपा के ‘स्टार प्रचारक’ के रूप में पीएम मोदी के बाद सबसे अधिक मांग वाले नेता थे. 2021 के चुनाव में योगी आदित्यनाथ ने बंगाल में 30 से अधिक जनसभाएं की थीं.

सीएम योगी ने पुरुलिया, बांकुड़ा और मेदिनीपुर जैसे क्षेत्रों के कई विधानसभा सीटों पर चुनाव प्रचार किया था. उनकी रैलियों ने ध्रुवीकरण और हिंदुत्व के मुद्दे को हवा दी थी. योगी ने साल 2021 की एक रैली में ही नारा दिया था ‘2 मई, दीदी गई’. यह नारा काफी सुर्खियां बटारो था. इसा बार भी उसी तर्ज पर ‘4 मई, दीदी गई’ वाले नारे की गूंज है. साल 2021 में मालदा और उत्तर बंगाल में उनके दौरों ने भाजपा के वोट बैंक को मजबूती दी थी.

2026 में अभी तक मैदान से बाहर क्यों हैं योगी?

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा इस बार योगी आदित्यनाथ का इस्तेमाल एक ‘ब्रह्मास्त्र’ की तरह करना चाहती है. बंगाल में चुनाव दो चरणों में हो रहे हैं. भाजपा चाहती है कि योगी की एंट्री तब हो जब चुनाव अपने निर्णायक मोड़ पर हो, ताकि उनके भाषणों का असर मतदान के दिन तक ताजा रहे.

कब बंगाल के रण में उतरेंगे योगी

मुख्यमंत्री योगी इन दिनों उत्तर प्रदेश में ‘स्कूल चलो अभियान’ और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर व्यस्त हैं. 3 अप्रैल तक वे गोरखपुर में जनता दरबार लगा रहे थे. लेकिन भाजपा नेतृत्व का मानना है कि पहले चरणों में ‘विकास’ और ‘भ्रष्टाचार’ जैसे संदेशखाली पर फोकस किया जाए और आखिरी चरणों में योगी के जरिए ‘हिंदुत्व’ और ‘अवैध घुसपैठ’ के मुद्दों को धार दी जाए.

बीजेपी पश्चिम बंगाल की सभी 294 सीटों पर चुनाव लड़ रही है.

क्या होगा इस बार का संदेश?

योगी आदित्यनाथ अक्सर अपने भाषणों में कहते हैं, ‘यूपी में अपराधी या तो जेल में हैं या राम नाम सत्य हो गया है.’ बंगाल में भाजपा इसी मॉडल को पेश करना चाहती है. उनके संभावित बयानों में ‘संदेशखाली का बदला’, ‘घुसपैठियों पर बुलडोजर’ और ‘दुर्गा पूजा पर पाबंदी’ जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं. हाल ही में उन्होंने यूपी में कहा था कि सरकार कल्याणकारी योजनाओं के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन ‘गुंडागर्दी’ बर्दाश्त नहीं करेगी. यही संदेश वे बंगाल की जनता को देना चाहते हैं.

माना जा रहा है कि 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान से ठीक पहले या उसके तुरंत बाद योगी आदित्यनाथ का ‘तूफानी दौरा’ शुरू हो सकता है. भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, ‘बुलडोजर बाबा की डिमांड हर सीट से है, हम बस सही समय का इंतजार कर रहे हैं.’ जैसे ही योगी आदित्यनाथ बंगाल की धरती पर कदम रखेंगे, निश्चित रूप से ‘जय श्री राम’ के नारों के साथ बंटेंगे ते कटेंगे जैसे नारों से चुनावी मुकाबला और अधिक आक्रामक हो जाएगा. अब देखना यह है कि क्या 2021 की तरह इस बार भी योगी के भाषण ममता बनर्जी के अभेद्य किले में सेंध लगा पाएंगे?

About the Author

authorimg

रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर

भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related