ओडिशा: बॉक्साइट खदान तक सड़क बनाने पर आदिवासियों से पुलिस की झड़प, 40 जवान घायल

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ओडिशा:बॉक्साइट खदान तक सड़क बनाने पर आदिवासियों से पुलिस की झड़प, 40 जवान घायल

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Odisha News: ओडिशा के रायगड़ा में सिजिमाली बॉक्साइट खदान की सड़क को लेकर आदिवासियों और पुलिस में झड़प हो गई. इस घटना में करीब 50 लोग घायल हो गए. इनमें 40 पुलिसकर्मी हैं. शगाबाड़ी में निषेधाज्ञा लागू कर अतिरिक्त बल तैनात कर दिए गए हैं.

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ग्रॉक एआई द्वारा निर्मित घटना की काल्पनिक तस्वीर.

Odisha News:  ओडिशा के रायगड़ा जिले में मंगलवार को बॉक्साइट खदान तक सड़क निर्माण को लेकर आदिवासियों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प में लगभग 50 लोग घायल हो गए. इनमें 40 सुरक्षा कर्मी शामिल हैं. घटना काशीपुर ब्लॉक के अंतर्गत शगाबाड़ी गांव में हुई. स्थानीय आदिवासी समुदाय लंबे समय से सिजिमाली बॉक्साइट खदान परियोजना का विरोध कर रहे हैं. जब जिला प्रशासन और कंपनी के अधिकारी सड़क निर्माण का काम शुरू करने पहुंचे, तो प्रदर्शनकारियों ने इसका पुरजोर विरोध किया.

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर पत्थर, ईंटें बरसाईं और तलवारों, कुल्हाड़ियों व अन्य धारदार हथियारों से हमला कर दिया. पुलिस के मुताबिक जब अधिकारी उन्हें शांत करने की कोशिश कर रहे थे, तब यह हमला हुआ. अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) संजय कुमार ने बताया कि 40 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें से 10 के सिर में गंभीर चोटें आई हैं. उन्हें रायगड़ा जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

सिजिमाली बॉक्साइट खदान को ओडिशा सरकार ने एक निजी कंपनी (वेदांता) को आवंटित किया है. स्थानीय आदिवासी लंबे समय से इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं. उनका आरोप है कि खदान शुरू होने से उनकी पारंपरिक आजीविका, जंगल और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचेगा. वे विस्थापन और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन का भी डर जता रहे हैं. रायगड़ा कलेक्टर कुलकर्णी आशुतोष सी मौके पर पहुंचे और आंदोलनरत आदिवासियों के साथ बातचीत कर रहे हैं. जिला प्रशासन ने शगाबाड़ी गांव में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी है.

अतिरिक्त बल तैनात

पुलिस ने बताया कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है. घायल पुलिसकर्मियों का इलाज चल रहा है और कुछ की हालत स्थिर बताई जा रही है. सिजिमाली परियोजना को लेकर पहले भी ग्राम सभाओं में कथित अनियमितताओं और जबरन सहमति के आरोप लग चुके हैं. आदिवासी संगठन लगातार दावा कर रहे हैं कि पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में उनकी सहमति के बिना परियोजना आगे नहीं बढ़ाई जा सकती. जिला प्रशासन ने स्थिति को सामान्य बताते हुए कहा कि जांच चल रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, आदिवासी नेताओं का कहना है कि वे अपनी जमीन और जंगल की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे.

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संतोष कुमार

न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें



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