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प्लास्टिक मुक्त तालाब I azamgarh news

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आजमगढ़ में “मेरा तालाब मेरी जिम्मेदारी” अभियान के तहत 100 ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक मुक्त मॉडल तालाब बनाए जाएंगे. आधुनिक फिल्टर और बायोफिल्टर तकनीक से लैस ये तालाब जल संरक्षण, भूजल रिचार्ज, सिंचाई और पशुपालन में मददगार साबित होंगे, वहीं गांवों की सुंदरता और स्वच्छता को भी नई पहचान देंगे.

आजमगढ़. शहर के साथ-साथ आजमगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों की खूबसूरती में चार चांद लगाने और जल संरक्षण की दृष्टि से सभी ग्राम पंचायत में मॉडल तालाब बनाए जाएंगे. जिसके अंतर्गत, शुरुआत में आजमगढ़ जनपद में 100 ग्राम पंचायत को चयनित कर तालाब निर्माण का काम कराया जाएगा. मेरा तालाब मेरी जिम्मेदारी अभियान के तहत ग्राम पंचायत में पर्यावरण के अनुकूल प्लास्टिक मुक्त मॉडल तालाब का निर्माण होना है. ग्रामीण क्षेत्रों में मॉडल तालाब के विकास से जहां एक तरफ जल संरक्षण को फायदा होगा वही प्रकृति और जानवरों को भी इससे फायदा पहुंचेगा.

पानी की साफ सफाई के लिए आधुनिक व्यवस्था
प्रथम चरण में आजमगढ़ जिले के 22 ब्लॉकों में एक-एक तालाब का चयन किया गया है, वहीं दूसरे चरण में प्रत्येक ब्लॉक से चार-चार तालाबों का चयन किया जाएगा. यह मॉडल तालाब प्लास्टिक मुक्त रह सके और साफ सफाई की व्यवस्था बेहतर हो सके इसके लिए इसमें फिल्टर चैंबर भी बनाए जाएंगे जिससे तालाब के आसपास साफ सफाई और स्वच्छता बनी रहे तालाबों को प्लास्टिक मुक्त बनाने से साफ सफाई बेहतर होगी. साथ ही इसे भूजल रिचार्ज में भी फायदा पहुंचेगा.

प्लास्टिक मुक्त मॉडल तालाब
ग्रामीण क्षेत्रों में इन तालाबों के बन जाने से इसके जल का उपयोग सिंचाई पशुपालन व पौधारोपण के लिए किया जा सकेगा. स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना के अंतर्गत तालाबों को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दृष्टि से इस मुहिम की शुरुआत की जा रही है. ग्रे वॉटर तालाबों में प्रवेश से पहले रेड बेड एवं बायो फिल्टर सिस्टम नाली के अंत में कंकड़ और रेत का इस्तेमाल किया जाएगा. इसमें नरकट केली, केना जैसे पौधे लगाए जाएंगे इससे पानी प्राकृतिक रूप से शुद्ध होकर तालाब में जाएगा.

100 मॉडल तालाब बनाने का लक्ष्य
जिला पंचायती राज अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि आजमगढ़ जनपद में 100 मॉडल तालाबों को बनाने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है. यह मॉडल तालाब प्लास्टिक मुक्त तालाब होंगे जिसमें स्वच्छता बनाए रखने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा. वहीं इसके सौंदर्य करण के लिए आसपास पाथवे की व्यवस्था होगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों के लिए एक अच्छा वातावरण बन सके और गांव में रहने वाले लोग इसका बेहतर तरीके से उपयोग कर सकें.

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Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



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