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पुलिस ने मर्डर केस में शामिल वाहनों को बरामद कर लिया है. चंद्रनाथ रथ की गाड़ी को एक चार पहिया वाहन ने रोका था. पुलिस को चार पहिया और पहली बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट मिली है. दूसरी बरामद बाइक पर भी फर्जी नंबर प्लेट होने का शक है. हत्यारों ने सुवेंदु अधिकारी के पीए की गाड़ी का बहुत लंबे समय तक पीछा किया था. इस खौफनाक कांड के शूटर पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं.
6 मई की रात चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
कोलकाता. पश्चिम बंगाल पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में इस्तेमाल दूसरी मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है. यह वारदात 6 मई की रात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में हुई थी. शुरुआत में माना जा रहा था कि बुधवार रात भाजपा कार्यक्रम से लौट रहे रथ का पीछा केवल एक बाइक सवार हमलावर कर रहा था. लेकिन राज्य पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उनकी गाड़ी का पीछा दो मोटरसाइकिलें कर रही थीं.
पहली बाइक गुरुवार दोपहर मध्यमग्राम के दोहरिया क्रॉसिंग के पास एक सुनसान जगह से बरामद हुई थी. वहीं दूसरी बाइक शुक्रवार को उत्तर 24 परगना के ही बारासात इलाके में एक रेलवे फाटक के पास लावारिस हालत में मिली. इससे पहले पुलिस उस चार पहिया वाहन को भी बरामद कर चुकी है, जिसने रथ की गाड़ी का रास्ता रोका था. इसके बाद बाइक सवार हमलावरों ने उनकी गाड़ी के पास पहुंचकर बेहद करीब से कई राउंड फायरिंग की, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई. हालांकि, मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है.
चंद्रनाथ रथ की हत्या बुधवार रात करीब 10:30 बजे उस समय हुई, जब वह अपनी गाड़ी से मध्यमग्राम स्थित घर लौट रहे थे. इस हमले में उनके चालक बुद्धदेव बेरा भी गोली लगने से घायल हुए थे और उनका कोलकाता के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है. जांच अधिकारियों को यह भी पता चला है कि रथ की गाड़ी को रोकने वाले चार पहिया वाहन और पहली बरामद बाइक दोनों की नंबर प्लेट फर्जी थीं. पुलिस को शक है कि दूसरी बाइक की नंबर प्लेट भी नकली हो सकती है.
राज्य पुलिस के एक सूत्र के अनुसार, हत्या जिस तरीके से अंजाम दी गई, उससे साफ है कि पूरी साजिश पहले से रची गई थी और रथ की गतिविधियों पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी. सूत्र ने बताया कि हमलावर ने जिस तरह गाड़ी के पास पहुंचकर करीब से कम से कम 10 राउंड फायरिंग की और तुरंत मौके से फरार हो गया, उससे संकेत मिलता है कि शूटर पेशेवर और अनुभवी था.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें


