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4 batsman Dismissed for 99 in T20I: टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में शतक लगाना एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन 99 के स्कोर पर आउट होना किसी त्रासदी से कम नहीं. क्रिकेट इतिहास में अब तक एलेक्स हेल्स, हामिद शाह, अब्दुल वहीद और स्कॉट एडवर्ड्स जैसे धाकड़ बल्लेबाज इस ‘नर्वस नाइंटी’ का शिकार हुए हैं. जब ये खिलाड़ी उपलब्धि के करीब थे, तभी नियति ने उन्हें शतक की दहलीज से वापस भेज दिया.
क्रिकेट की दुनिया में 99 का स्कोर एक ऐसी टीस है जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है. इसे अक्सर ‘नर्वस नाइंटीज’ का शिखर माना जाता है, जहां एक बल्लेबाज अमरता की दहलीज पर खड़ा होता है लेकिन नियति उसे वापस भेज देती है. टी20 क्रिकेट जैसे छोटे प्रारूप में, जहां शतक बनाना पहले से ही एक दुर्लभ उपलब्धि है, 99 पर आउट होना किसी त्रासदी से कम नहीं है.

24 जून 2012 का दिन इंग्लैंड के नॉटिंघम मैदान पर इतिहास रचने के लिए तैयार था. वेस्टइंडीज के खिलाफ इंग्लैंड के धाकड़ ओपनर एलेक्स हेल्स (Alex Hales) ने एक ऐसी पारी खेली जिसने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया. हेल्स ने अपनी पारी में 68 गेंदें खेलीं, जिसमें 6 चौके और 4 छक्के शामिल थे. जब वे 99 रन पर पहुंचे, तो पूरा स्टेडियम उनके पहले टी20 शतक के लिए खड़ा था. लेकिन रवि रामपॉल की एक गेंद ने उनके सपने को चकनाचूर कर दिया. 145.58 के स्ट्राइक रेट से खेली गई इस पारी ने इंग्लैंड को जीत तो दिलाई, लेकिन हेल्स के नाम के आगे वह जादुई ‘100’ नहीं लग सका. यह टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट इतिहास में पहली बार था जब कोई खिलाड़ी 99 पर आउट हुआ.

ठीक 10 साल बाद, 8 मई 2022 को ब्रोंडबी के मैदान पर एक वैसी ही कहानी दोहराई गई. डेनमार्क के हामिद शाह (Hameed Shah) फिनलैंड के खिलाफ बल्लेबाजी कर रहे थे. संयोग देखिए कि हामिद के आंकड़े बिल्कुल एलेक्स हेल्स जैसे ही रहे. 68 गेंदें, 6 चौके और 4 छक्के. उन्होंने भी 145.58 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए. मैदान छोटा था और मुकाबला कड़ा था, लेकिन जैसे ही वह 99 पर पहुंचे, नियति ने अपना खेल दिखाया और वे शतक से महज एक कदम दूर रह गए. डेनमार्क के क्रिकेट इतिहास में यह पारी स्वर्णिम अक्षरों में लिखी जा सकती थी, लेकिन वह एक ‘नर्वस नाइंटी’ का शिकार बनकर रह गई.
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1 फरवरी 2024 को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में सऊदी अरब के अब्दुल वहीद (Abdul Waheed) ने कंबोडिया के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दी थीं. वहीद की बल्लेबाजी में एक अलग ही आक्रामकता थी. उन्होंने केवल 58 गेंदों का सामना किया और 9 चौकों तथा 6 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 170.68 की स्ट्राइक रेट से रन बटोरे. वह इतनी तेजी से शतक की ओर बढ़ रहे थे कि किसी को उम्मीद नहीं थी कि वे चूक जाएंगे. लेकिन 99 के फेर ने उन्हें भी नहीं बख्शा. उनकी यह पारी टी20 इंटरनेशनल इतिहास की सबसे दुखद शानदार पारियों में शुमार हो गई.

14 नवंबर 2024 को मस्कट के अल आमेरत मैदान पर नीदरलैंड्स के कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स (Scot Edwards) ने ओमान के खिलाफ मोर्चा संभाला. एडवर्ड्स ने इस सूची में सबसे तेज बल्लेबाजी की. उन्होंने महज 55 गेंदों में 180.00 की स्ट्राइक रेट से 99 रन कूट डाले. उनकी पारी में 7 चौके और 5 छक्के शामिल थे. एक कप्तान के तौर पर शतक लगाना हमेशा खास होता है, लेकिन एडवर्ड्स उस आखिरी रन को पूरा करने से चूक गए. उनकी यह पारी टीम को मजबूत स्थिति में तो ले गई, लेकिन एडवर्ड्स का नाम उन बदकिस्मत खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गया जो 99 के फेर में फंस गए.

इन चारों पारियों में एक अजीब समानता देखने को मिलती है. जहां हेल्स और हामिद शाह के गेंदों की संख्या (68) और बाउंड्रीज (6 चौके, 4 छक्के) बिल्कुल बराबर थीं, वहीं अब्दुल वहीद और स्कॉट एडवर्ड्स ने आधुनिक क्रिकेट की आक्रामकता का परिचय दिया. हेल्स और शाह जहां संयम और प्रहार का मिश्रण थे, वहीं वहीद और एडवर्ड्स ने स्ट्राइक रेट के मामले में नए मानक स्थापित किए.

टी20 जैसे तेज खेल में, जहां बल्लेबाज को हर गेंद पर रिस्क लेना होता है, 90 के बाद का सफर बेहद कठिन हो जाता है. 99 पर पहुंचने के बाद अक्सर बल्लेबाज एक आसान सिंगल की तलाश में या फिर जल्दबाजी में अपना विकेट गंवा देता है. इन चारों बल्लेबाजों के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ होगा एक पल की एकाग्रता की कमी और रिकॉर्ड बुक में शतक की जगह 99 दर्ज हो गया.

इन पारियों में विपक्षी टीमों वेस्टइंडीज, फिनलैंड, कंबोडिया और ओमान के गेंदबाजों की भी तारीफ करनी होगी. उन्होंने दबाव के क्षणों में धैर्य नहीं खोया. जब एक बल्लेबाज 99 पर होता है, तो गेंदबाज पर भी उतना ही दबाव होता है कि वह कहीं इतिहास का हिस्सा न बन जाए. उन गेंदबाजों ने सही समय पर विकेट लेकर इन दिग्गजों को शतक से महरूम रखा.

इन रिकॉर्ड्स ने दुनिया के अलग-अलग कोनों को छुआ है. नॉटिंघम (इंग्लैंड) की ठंडी हवाओं से लेकर बैंकॉक (थाईलैंड) की गर्मी और अल आमेरत (ओमान) के रेगिस्तानी मैदानों तक. यह दर्शाता है कि क्रिकेट की यह त्रासदी किसी भी भूगोल या परिस्थिति की मोहताज नहीं है.

भले ही ये चारों खिलाड़ी अपना शतक पूरा नहीं कर सके, लेकिन उनकी इन 99 रनों की पारियों ने उनकी टीमों को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. क्रिकेट एक टीम गेम है, और इन बल्लेबाजों ने व्यक्तिगत रिकॉर्ड से ऊपर उठकर अपनी टीम के लिए बड़े स्कोर खड़े किए.

क्रिकेट इतिहास में 100 रन बनाने वालों की लिस्ट बहुत लंबी है, लेकिन टी20 अंतरराष्ट्रीय में 99 पर आउट होने वाले ये गिने-चुने नाम एक अलग ही विशिष्टता रखते हैं. ये पारियां हमें याद दिलाती हैं कि खेल में पूर्णता से ज्यादा संघर्ष की अहमियत होती है. ये 99 रन किसी शतक से कम नहीं हैं, क्योंकि इनमें मेहनत, पसीना और अंत में एक खिलाड़ी की मानवीय भूल की पूरी कहानी समाहित है.


