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मुगलसराय राजकीय महिला अस्पताल, जो करीब 38 साल पहले स्थापित हुआ था, आज आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं और बेहतर व्यवस्थाओं के चलते लोगों के भरोसे का प्रमुख केंद्र बन चुका है. अस्पताल में प्रतिदिन 400 से 500 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. यहां मॉड्यूलर इम्यूनाइजेशन सेंटर, आधुनिक लैब, ऑपरेशन थिएटर और वार्ड जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे यह निजी अस्पतालों को भी चुनौती दे रहा है.
चंदौली. जिले का मुगलसराय राजकीय महिला अस्पताल आज आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं और बेहतर व्यवस्थाओं के कारण लोगों के भरोसे का केंद्र बन चुका है. करीब 38 वर्ष पहले स्थापित इस सरकारी अस्पताल ने अब ऐसी पहचान बना ली है कि जिले के बड़े-बड़े निजी अस्पतालों को भी सुविधाओं के मामले में चुनौती दे रहा है. यही वजह है कि यहां प्रतिदिन लगभग 400 से 500 मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं. अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एस.के. चतुर्वेदी ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि अस्पताल में पिछले कुछ वर्षों में बड़े स्तर पर बदलाव किए गए हैं. उन्होंने कहा कि जनपद और मंडल स्तर पर पहली बार कई आधुनिक सुविधाएं यहां शुरू की गई हैं. अस्पताल में अत्याधुनिक मॉड्यूलर इम्यूनाइजेशन सेंटर तैयार किया गया है, जबकि लैब, ऑपरेशन थिएटर (ओटी) और वार्डों को भी आधुनिक तकनीक के अनुरूप विकसित किया गया है. अस्पताल का इंटीरियर और चिकित्सा व्यवस्था इस तरह तैयार की गई है कि मरीजों को बेहतर और सुरक्षित वातावरण मिल सके.
सुरक्षा व्यवस्था को दी जा रही है प्राथमिकता
डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को भी विशेष प्राथमिकता दी जा रही है. चूंकि अस्पताल 3 मंजिला भवन में संचालित होता है, इसलिए आगजनी जैसी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अत्याधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम लगाया जा रहा है. इस प्रस्ताव को शासन स्तर पर मंजूरी मिलने के बाद अब तेजी से कार्य कराया जा रहा है. उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर में 10 हजार लीटर क्षमता का विशेष फायर टैंक लगाया जा रहा है. इसके साथ ही पूरे भवन में फायर होज रील, स्प्रिंकलर सिस्टम और हाइड्रेंट लगाए जा रहे हैं. अस्पताल के हर कमरे में स्प्रिंकलर लगाए जाएंगे, ताकि कहीं भी धुआं या आग की स्थिति बनने पर सिस्टम तुरंत सक्रिय हो सके. जैसे ही आग का संकेत मिलेगा, अलार्म बजने लगेगा और पानी का छिड़काव शुरू हो जाएगा, जिससे आग पर शुरुआती स्तर पर ही काबू पाया जा सकेगा.
मरीजों को निकाला जा सके सुरक्षित बाहर
आगे उन्होंने बताया कि अस्पताल में कुल 41 फायर अलार्म लगाए जा रहे हैं. इसके अलावा 3 हाइड्रेंट सिस्टम और बाहरी हिस्से में भी एक विशेष प्वाइंट बनाया जा रहा है, जहां से फायर ब्रिगेड या एंबुलेंस को पानी की आपूर्ति दी जा सकेगी. अस्पताल में 2 अलग-अलग इमरजेंसी एग्जिट गेट भी बनाए गए हैं, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में मरीजों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके. डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि अस्पताल स्टाफ को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया है. फायर सेफ्टी विभाग की मदद से कर्मचारियों को एबीसी और अन्य प्रकार के अग्निशमन यंत्रों के उपयोग की ट्रेनिंग दी गई है, ताकि किसी भी इमरजेंसी में तुरंत कार्रवाई की जा सके. बता दें कि सरकारी अस्पतालों की बदहाल छवि के बीच मुगलसराय राजकीय महिला अस्पताल का यह बदलाव लोगों के लिए राहत और भरोसे की नई मिसाल बनकर सामने आया है. आधुनिक सुविधाएं, बेहतर इलाज और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था इसे जिले के सबसे भरोसेमंद अस्पतालों में शामिल कर रही हैं.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें


