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Bihar Board Topper Sachin Kumar: बिहार बोर्ड मैट्रिक टॉपर लिस्ट 2025 में जमुई के सचिन कुमार का नाम शामिल था. उनके पिता रांची के होटल में वेटर हैं और मां बीड़ी बनाती हैं. वहीं, सचिन खुद ट्यूशन पढ़ाकर पढ़ाई का खर्च निकालता था.
Bihar Board 10th Topper 2025: बिहार बोर्ड 10वीं टॉपर सचिन कुमार का परिवार आर्थिक रूप से बहुत कमजोर है
नई दिल्ली (Bihar Board Topper Sachin Kumar). बिहार के जमुई जिले के सिमरिया गांव की एक तंग और संकरी गली, जहां बमुश्किल 2.5 फीट का रास्ता है और बगल में बहती नाली… इसी दुर्गंध और अभावों के बीच से सफलता की ऐसी खुशबू महकी है, जिसने पूरे राज्य को चकित कर दिया. यह कहानी सचिन कुमार राम की है, जिसने बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2025 में 488 अंक (97.06%) हासिल किए थे. लेकिन यह जीत सिर्फ अंकों की नहीं है.
बीड़ी बनाने वाली मां और वेटर पिता का संघर्ष
सचिन के घर की आर्थिक स्थिति का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि उनके पिता भूदेव राम रांची के किसी रेस्त्रां में वेटर हैं और मां गुड़िया देवी बीड़ी बनाती हैं. महीने की बमुश्किल 20 हजार की कमाई में घर चलाना भी दूभर था, लेकिन माता-पिता ने सचिन की पढ़ाई में कमी नहीं आने दी. पिछले साल बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट आने के बाद उसी 20 बाई 10 के बिना प्लास्टर वाले मकान में खुशियों की रौनक समा गई थी.
खुद ट्यूशन पढ़ाकर गढ़ा अपना भविष्य
सचिन ने गरीबी को कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया. अपनी पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए वे रोजाना सुबह 3 बजे उठते थे. सुबह 4 से 7 बजे तक वे खुद से छोटी उम्र के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते, फिर स्कूल जाते. स्कूल से लौटकर दोपहर 3 बजे फिर से ट्यूशन और रात को देर तक खुद की बोर्ड परीक्षा की तैयारी करते थे. यह अनुशासन ही उन्हें बिहार बोर्ड टॉपर लिस्ट तक ले गया.
जब फोन पर पिता से कहा- पापा, मैं टॉपर लिस्ट में आ गया
बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2025 जारी होने के वक्त भी सचिन के पिता रांची के होटल में ड्यूटी पर थे. जब बेटे का फोन गया तो वेटर का काम कर रहे उस पिता की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े. बेटे की इस ऐतिहासिक कामयाबी की खबर सुनते ही उन्होंने तुरंत दो दिन की छुट्टी ली और रात की ट्रेन पकड़कर अपने लाल के पास पहुंचने के लिए निकल पड़े थे.
2.5 फीट के रास्ते पर मीडिया और बधाइयों का रेला
News18 के रिपोर्टर सचिन के घर गए थे. उन्होंने बताया था कि सचिन के घर तक पहुंचने का रास्ता इतना संकरा है कि वहां खड़े होने की भी जगह नहीं थी. लेकिन 25 मार्च 2025 को वह रास्ता थोड़ा और छोटा पड़ गया था. पंचायत के मुखिया से लेकर जिले के बड़े अधिकारी और मीडियाकर्मी उस ढाई फीट की गली को पारकर सचिन की मां गुड़िया देवी को बधाई देने पहुंचे थे.
विज्ञान की एक गलती की टीस और बड़ा सपना
बिहार बोर्ड 10वीं परीक्षा 2025 में 488 अंक हासिल करने के बावजूद सचिन को मलाल है कि साइंस पेपर में एक ऑब्जेक्टिव जवाब गलत हो गया था, जिसका अहसास उन्हें परीक्षा हॉल से निकलते ही हो गया था. यही बारीकी उन्हें दूसरों से अलग बनाती है. अब सचिन का लक्ष्य बड़ा है- वे अपनी इस मेहनत को आगे बढ़ाकर देश की सेवा करना चाहते हैं.
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