संजीव शुक्ला

दलबदल एक क्रांतिकारी गतिविधि

इधर भारतीय समाज में दलबदलुओं को कुछ ज़्यादा ही गिरी हुई निगाह से देखा जाने लगा है। राजनीतिक विशेषज्ञों और समाजशास्त्रियों की माने तो...

जुझारूलाल के मन की चोट

जुझारूलाल प्रवक्ता बनना चाह रहे थे। यह उनकी दिली तमन्ना थी, बल्कि उनका तो खुला मानना था कि क्षेत्र की जनता और पार्टी का...

अपराध की जाति

अपराधी सिर्फ़ अपराधी होता है, कुछ और नहीं। उसका जाति के आधार पर बचाव या जाति के आधार पर उसकी संलिप्तता का तर्क देना...

नमामि फेसबुकम

आजकल सोशल मीडिया का दौर है,जिसे देखो मीडिया में छाया हुआ है। हर कोई सोशल मीडिया के जरिये ही अपनी बात कहना चाहता है।...

अठावले को नमन

अपनी कविता से तुकबंदी साहित्य को शिखर पर ले जाने वाले काव्य-जगत के कोहिनूर श्री अठावले अब भारतीय लोकतंत्र को भी ऊँचाईयों पर ले...

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