कविता

जीवन क्या?-Jeevan kya?

दुनिया में आए अकेले थे, जाएंगे भी अकेले, तो दूसरों का साथ क्यूं पकड़ना, अपनी ज़िन्दगी जियो ऐसे की, फक्र करे दुनिया। ऐसे में क्या घबराना, बनाओ रास्ता...

कम्प्यूटर-Computer

ढूंढ लिया एक साथी हमने, ढूंढ लिया एक यार, बहुत ही प्यार सबसे न्यारा, ढूंढ लिया एक यार, होशियार दमदार हर सवाल का हल बतलाता, मुश्किल को...

नफरत

नफरत है मुझे इस भीड़ से ,एक बार तन्हाइयों से घबराहट होती थी,  उसके बाद सोचा सभी, मेरे साथ होंगे पर गलत थी मैं, इस पर...

जीवन-Jeevan

प्यारे जीवन वह ओह, प्रिय जीवन ओह,  मन को कुछ आश्वासन दो, प्राणों को कुछ अवलंबन दो,  प्रेम एक आंधी है, जो थपेड़े खिलाती है, यह झझोरती...

कविता-Kavita

मैं, जानती हूं मैं आक्रोश हूं, मानवीय भाव का अवतार हूं प्रेम हूं,मैं गाना हूं मैं, मानव में संवेदना ओं का संचार हूं मैं, भूत हूं...

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