कविता

हमारा स्कूल-Hamara School

शिक्षा जगत का वरदान, शिक्षा जगत का वरदान, हमें इस पर है अभिमान, बढ़ानी है हमें इसकी शान, बीता इसमें मेरा बचपन,सीखा इसमें मैंने अनुशासन, अपने स्कूल...

ज्ञान-Gyan

सीमा उसकी अनंत है, मूर्खता उसकी अनंत है, जो प्राप्त करता है उसको, वह धन्य समझा है खुद को,  यह जिसको ना मिल पाए, वह...

ना जाने क्यों-Na jane Kyun

न जाने क्यों मैं पैदा हुई, सब कुछ दे वे हंसते थे, मैं रोती थी ना जाने क्यों,कुछ पढ़ी हुई तो मैंने और संभाला, तू...

मैं जाऊं स्कूल हंसते-हंसते-Main school jaun haste haste

मैं जाऊं स्कूल हंसते-हंसते , मैं जाऊं स्कूल हंसते-हंसते, पीठ पर बसता लादे हुए, कदम शान से बढ़ाऊ, कक्षा के सभी बच्चों से , सबसे पहले पहुंच मैं जाऊं...

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