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कतर भारत के लिए सिर्फ एक साझेदार नहीं, बल्कि एनर्जी लाइफलाइन है. भारत के कुल एलएनजी आयात का 40% से ज्यादा हिस्सा कतर से आता है. ऐसे में इस बातचीत को सीधे तौर पर भारत की ऊर्जा सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है.
एस जयशंकर ने कतर के पीएम और विदेश मंत्री अल थानी से फोन पर बात की. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने कूटनीतिक मोर्चे पर तेजी दिखाते हुए बड़ा कदम उठाया है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सीधे कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख तमीम बिन हमद अल थानी से फोन पर बात कर हालात पर विस्तार से चर्चा की. दोनों नेताओं के बीच मौजूदा संकट और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर गंभीर बातचीत हुई. यह बातचीत ऐसे वक्त में हुई है जब पूरे क्षेत्र में भू-राजनीतिक हलचल तेज है और ऊर्जा सप्लाई पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें





