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Hanuman Jayanti 2026: 2 अप्रैल को हनुमान जयंती का पर्व मनाया जाएगा. हनुमान जयंती के दिन व्रत रखकर विधि विधान के साथ बजरंगबलि की पूजा अर्चना करने से हर परेशानी से मुक्ति मिलती है और सभी सुखों की प्राप्ति होती है. हनुमान जयंती के दिन देशभर के हनुमान मंदिर को सजाया जाता लेकिन उससे पहले फर्रुखाबाद के बड़े हनुमान मंदिर के कपाट को बंद किया जा रहा है.
Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती का पर्व 2 अप्रैल दिन गुरुवार को मनाया जाएगा, हर वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को यह पर्व मनाया जाता है. यह पावन पर्व भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है. मान्यता है कि हनुमानजी भगवान राम के परम भक्त और असीम शक्ति, बुद्धि व साहस के प्रतीक हैं. हनुमान जयंती के दिन विधि विधान के साथ हनुमानजी की पूजा अर्चना करने से शनि दोष और नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव कम होता है. साथ ही व्यक्ति को आत्मविश्वास, ऊर्जा और सकारात्मकता प्राप्त होती है. हनुमान जयंती के दिन हनुमानजी के मंदिर में धूम रहती है लेकिन इस पर्व से पहले फर्रुखाबाद के बड़े हनुमान मंदिर के कपाट बंद हो रहे हैं. आइए जानते हैं हनुमान जयंती से पहले आखिर फर्रुखाबाद के बड़े हनुमान मंदिर के कपाट क्यों हो रहे हैं बंद…
गर्भगृह के कपाट रविवार से बंद
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद शहर के फतेहगढ़ स्थित बड़े हनुमान मंदिर में हनुमान जयंती को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. मंदिर परिसर में विशेष सजावट और रंगाई-पुताई का कार्य तेजी से किया जा रहा है. इसी क्रम में मंदिर के गर्भगृह के कपाट रविवार से बंद कर दिए जाएंगे, जो कि 2 अप्रैल को हनुमान जयंती के पावन अवसर पर ही श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए दोबारा खोले जाएंगे.
पारंपरिक विधि से कार्य करेंगे संपन्न
शनिवार को मंदिर प्रशासन की ओर से यह जानकारी दी गई. मंदिर प्रशासन द्वारा भगवान हनुमान की प्रतिमा के विशेष शृंगार की तैयारी भी की जा रही है. विग्रह के रंग-रोगन और चोला चढ़ाने के लिए राजस्थान से कुशल कारीगरों को बुलाया गया है, जो पारंपरिक विधि से इस कार्य को संपन्न करेंगे.
हनुमान जयंती पर होंगे ये कार्यक्रम
मंदिर के महंत मोहनदास महाराज ने बताया कि हनुमान जी के शृंगार और रंग-रोगन का कार्य लगातार चार दिनों तक चलेगा, जिसके बाद जयंती के दिन विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी. उन्होंने बताया कि 2 अप्रैल को हनुमान जयंती के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. सुबह कपाट खुलने के साथ ही सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा. इसके बाद दिनभर भंडारे का आयोजन रहेगा और विद्वान आचार्यों द्वारा हवन-पूजन संपन्न कराया जाएगा. इस धार्मिक आयोजन में ना केवल फर्रुखाबाद जनपद, बल्कि आसपास के अन्य जिलों से भी संत-महात्मा और श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होते हैं.
भक्तों में खासा उत्साह और श्रद्धा का माहौल
मंदिर प्रबंधन द्वारा प्रसाद वितरण की भी भव्य व्यवस्था की जा रही है. हनुमान जयंती से दो दिन पहले ही हलवाइयों द्वारा प्रसाद बनाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा. इस बार लगभग 5 क्विंटल बूंदी तैयार की जाएगी, जिसे भगवान को भोग लगाने के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा. मंदिर में होने वाले इस आयोजन को लेकर भक्तों में खासा उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना हुआ है.
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पराग शर्मा एक अनुभवी धर्म एवं ज्योतिष पत्रकार हैं, जिन्हें भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेदनी ज्योतिष, वैदिक शास्त्रों और ज्योतिषीय विज्ञान पर गहन अध्ययन और लेखन का 12+ वर्षों का व्यावहारिक अनुभव ह…और पढ़ें





