मीठा pomegranate तीनों दोषी का शमन करनेवाला, तृप्तिकारक, वीर्यवर्धक, हल्का, कसैले रसवाला,
बुद्धि तथा बलदायक एवं प्यास, जलन, ज्वर, हृदय रोग, कंठ रोग, मुख की दुर्गन्ध तथा कमजोरी को दूर करने वाला है।
खट्टा मीठा pomegranate अग्निवर्धक, रुचिकारक, थोड़ा सा पित्तकारक वह हल्का होता है।
पेट के कीड़ों का नाश करने व हृदय को बल देने के लिए अनार बहुत उपयोगी है।
इसका रस पित्तशामक है। इससे उल्टी बंद होती है।
अनार पित्तप्रकोप, अरुचि, अतिसार, पेचिश, खांसी, नेत्रदाह, छाती का दह व मन की व्याकुलता दूर करता है।
pomegranate खाने से शरीर में एक विशेष प्रकार कि चेतना से आती है।
इसका रस स्वरयंत्र, फेंफड़ों, हृदय, यकृत, आमाशय तथा आतों के रोगों में लाभ प्रद है तथा शरीर में शक्ति , स्फूर्ति तथा स्निग्धता लता है।
औषधि प्रयोग :
१. गर्मी के रोग : गर्मियों में सिरदर्द हो, लू लग जाए, आंखें लाल हो जाए तब pomegranate का शरबत गुणकारी सिद्ध होता है।
२. पित्तप्रकोप : ताजे अनार के दानों का रस निकालकर उसमें मिश्री डालकर पीने से हर प्रकार का पित्तप्रकोप शांत हो जाता है।
३. अरुचि : pomegranate के रस में सेंधा नमक व शहद मिलाकर लेने से अरुचि मिटती है।
४. खांसी : अनार की सूखी छाल आधा तोला बारीक कूटकर, छानकर उसमें थोड़ा सा कपूर मिलाएं।
यह जून दिन में दो बार पानी के साथ मिलाकर पीने से भयंकर कष्टदायक खांसी मिटती है,
एवं छिलका मुंह में डालकर चूसने से साधारण खांसी में लाभ होता है।
५. खूनी बवासीर : pomegranate के छिलके का चूर्ण नागकेसर के साथ मिलाकर देने से बवासीर का रक्तसाव बंद होता है।
६. कृमि : बच्चों के पेट में कीड़े हो तो उन्हें नियमित रूप से सुबह-शाम दो-तीन चम्मच अनार का रस पिलाने से कीड़े नष्ट हो जाते हैं।
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