सूखे मेवे dry fruits में बादाम, अखरोट, काजू, किशमिश, अंजीर, पिस्ता, छुहारे, चारोली नारियल आदि का समावेश होता है।
सूखे मेवे dry fruits अर्थात ताजे फलों के उत्तम भागों को सुखाकर बनाया गया पदार्थ।
ताजे फलों का 12 महीने मिलना मुश्किल है।
सूखे मेवों dry fruits से दूसरी ऋतु में भी फलों के उत्तम गुणों का लाभ लिया जा सकता है और उनके बिगड़ने की संभावना भी ताजे फलों की अपेक्षा कम होती है।
कम मात्रा में लेने पर भी यह फलों की अपेक्षा ज्यादा लाभकारी साबित होते हैं।
सूखा मेवा dry fruits पचने में भारी होता है। इसलिए इसका उपयोग शीत ऋतु में किया जा सकता है क्योंकि शीत ऋतु में अन्य ऋतुओं की अपेक्षा व्यक्ति की जठराग्नि प्रबल होती है।
सूखा मेवा उष्ण, स्निग्ध, मधुर, बलप्रद, वात, पौष्टिक एवं वीर्य वर्धक होता है।
सूखे मेवे कोलेस्ट्रॉल बढ़ाते हैं अतः बीमारी के समय नहीं खाने चाहिए।
इन सूखे मेवों में गैलरी बहुत होती है जो शरीर को पुष्ट करने के लिए बहुत उपयोगी है।
शरीर को हष्ट-पुष्ट रखने के लिए रासायनिक दवाओं की जगह सूखे मेवे का उपयोग करना ज्यादा उचित है।
इनसे क्षार तत्व की पूर्ति भी की जा सकती है। सूखे मेवे में विटामिन ताजे फलों की अपेक्षा कम होता है।
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