Last Updated:
दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. अगले हफ्ते से इंटरनेशनल पैसेंजर्स की बोर्डिंग-डिबोर्डिंग के लिए तीन इंटरनेशनल पियर काम करने लगेंगे. साथ ही नया ट्रांजिट सिस्टम भी तैयार किया जा रहा है, जिससे कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ना आसान होगा.
आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल थ्री में इंटरनेशनल पैसेंजर्स की सहूलियत के लिए नया पियर ऑपरेशनल करने की तैयारी है. (फाइल फोटो)
Delhi IGI Airport: दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर पैसेंजर्स को जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. अगले हफ्ते से टर्मिनल-3 में तीन इंटरनेशनल पियर (Pier) शुरू होने जा रहे हैं. इस बदलाव से इंटरनेशनल डेस्टिनेशन से आने वाली फ्लाइट्स को न ही एयरोब्रिज के लिए इंतजार करना पड़ेगा, और ना ही पैसेंजर्स को फ्लाइट्स में बोर्डिंग के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा.
सीनियर एयरपोर्ट ऑफिसर के अनुसार, अबतक टर्मिनल-3 में चार पियर थे. इनमें पियर दो इंटरनेशनल और दो घरेलू फ्लाइट्स के लिए इस्तेमाल होते थे. डोमेस्टिक फ्लाइट ऑपरेशन के लिए इस्तेमाल होने वाले पियर सी को अब इंटरनेशनल ऑपरेशन के लिए तैयार कर लिया गया है. सब कुछ ठीक रहा तो पियर सी का इस्तेमाल इंटरनेशनल फ्लाइट ऑपरेशन के लिए अगले हफ्ते से शुरू हो जाएगा. इसके चालू होते ही टर्मिनल-3 में तीन इंटरनेशनल और एक डोमेस्टिक पियर रह जाएगा.
किस पियर की हो रही है बात और क्या है इसका इस्तेमाल
- आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल थ्री का एरियल व्यू देखें तो आपको चौकोर आकार की टर्मिनल बिल्डिंग नजर आएगी. टर्मिनल बिल्डिंग के चे चारों हिस्से पर आपको चार पतले गलियारे से नजर आएंगे. यही टर्मिनल के पियर हैं.
- इन पियर में एयरोब्रिज होते हैं, जिसका इस्तेमाल पैसेंजर्स को प्लेन में बोर्ड कराने और डिबोर्ड कराने में किया जाता है. साथ ही, प्लेंस की पार्किंग भी इन्हीं पियर्स के दोनों साइड की जाती है.
- इस बदलाव की वजह आईजीआई एयरपोर्ट पर तेजी से बढ़ती इंटरनेशनल पैसेंजर्स की संख्या है. ऐसे में एयरपोर्ट पर इंटरनेशनल ट्रैफिक के अनुसार सुविधाएं भी बढ़ाई जा रही हैं.
- बीते कुछ समय में देखा गया है कि भारतीय पैसेंजर्स अब घरेलू यात्रा की बजाय साउथ-ईस्ट एशिया और सेंट्रल एशिया जैसे इंटरनेशनल डेस्टिनेशन की ओर रुख कर रहे हैं.
- फिलहाल, टर्मिनल-3 से रोजाना करीब 1.05 लाख पैसेंजर सफर करते हैं. इनमें लगभग 60 हजार इंटरनेशनल और 45 हजार डोमेस्टिक पैसेंजर शामिल हैं.
ट्रांजिट फैसिलिटी में भी बदलाव की है तैयारी
टर्मिनल थ्री में इंटरनेशनल पैसेंजर्स के ट्रांजिट को बेहतर बनाने के लिए भी बड़ा बदलाव किया जा रहा है. दरअसल, दिल्ली एयरपोर्ट पर रोजाना करीब 4 हजार यात्री ऐसे होते हैं, जो एक इंटरनेशनल फ्लाइट से उतरकर दूसरी इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़ते हैं. इसी बात को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट पर नया एयरसाइड ट्रांसफर सिस्टम तैयार किया जा रहा है. इसके तहत ट्रांजिट पैसेंजर्स को एयरपोर्ट के अंदर ही बस के जरिए एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल तक ले जाया जाएगा. इससे उन्हें बाहर ट्रैफिक में जाने की जरूरत नहीं होगी और कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने का डर भी कम होगा.
About the Author

Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें




