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IMD Rain Strom Alert: सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के चलते उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है. दिल्ली-NCR सहित यूपी, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में 7 और 8 अप्रैल को भारी बारिश और ओले गिरने का अलर्ट जारी किया गया है. आईएमडी ने कश्मीर और हिमाचल के कुछ हिस्सों में भारी बर्फबारी और बारिश की चेतावनी है, जिससे अगले 5 दिनों तक तापमान सामान्य से कम रहने का अनुमान है. (All Photos : PTI)
उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में मौसम विभाग ने भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है. अगले 48 घंटों के दौरान मौसम का यह बदला हुआ मिजाज न केवल तापमान में गिरावट लाएगा और आम जनजीवन को भी प्रभावित कर सकता है.

7 और 8 अप्रैल को उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की प्रबल संभावना है. मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है.

राजधानी दिल्ली और उससे सटे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में मौसम विभाग ने मध्यम दर्जे की बारिश का अनुमान जताया है. इसके साथ ही 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है. दिल्ली के अलावा सोनीपत, रोहतक, झज्जर और बागपत जैसे इलाकों में अगले कुछ घंटों में तेज बारिश शुरू हो सकती है.
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हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय हुए नए सिस्टम की वजह से कश्मीर घाटी और हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी और बारिश का अलर्ट है. कश्मीर में 7 अप्रैल और हिमाचल प्रदेश में 8 अप्रैल को भारी वर्षा की संभावना जताई गई है.

मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ओलावृष्टि की आशंका है. राजस्थान में तो हवाओं की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिसे ‘थंडरस्क्वाल’ की श्रेणी में रखा गया है.

उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ़ और मथुरा जैसे पश्चिमी जिलों में ओलावृष्टि के साथ भारी बारिश हो सकती है. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में 8 अप्रैल को मौसम सबसे ज्यादा खराब रहने की उम्मीद है. झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है. मौसम विभाग के अनुसार, इस मौसमी बदलाव का असर अगले 5 दिनों तक बना रहेगा, जिससे लू से राहत तो मिलेगी लेकिन ओलावृष्टि फसलों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है.

मौसम विभाग के एनालिसिस के मुताबिक, अगले 5 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के अधिकांश हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से कम या सामान्य के आसपास ही बना रहेगा. इसके बाद ही तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी. दक्षिण भारत के कुछ राज्यों जैसे केरल और तटीय कर्नाटक में उमस भरी गर्मी परेशान कर सकती है, लेकिन उत्तर भारत फिलहाल ठंडी हवाओं और बारिश की चपेट में रहने वाला है.




